अब कृषि विवि में होगी मौसम विज्ञान पर पीएचडी

रायपुर : छत्तीसगढ़ के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में इस शैक्षणिक सत्र से मौसम विज्ञान में पीएचडी प्रारंभ हो जाएगी। इसे लेकर सारी तैयारियां विश्वविद्यालय ने पूरी कर ली है। इस विषय पर आईजीकेवि के विद्या परिषद की 111वीं बैठक की अनुशंसा के आधार पर 30 मई को हुई 105वीं बैठक में विषय शुरु करने का निर्णय लिया गया।
उल्लेखनीय है कि, इससे पूर्व विश्वविद्यालय के छात्रों को मौसम विज्ञान में पीएचडी करने अन्य प्रांतों में जाना पड़ता था। हालांकि इस विषय में पीएचडी के दो ही सीट विवि में शुरु किए जाएंगे। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के जनसम्पर्क अधिकारी कृष्ण कुमार साहू ने वीएनएस को बताया कि, वर्तमान में ग्लोबल वार्मिंग के कारण प्रदेश में बदलते जलवायु को देखते हुए कुलपति डॉ. एसके पाटिल ने मौसम विज्ञान में पीएचडी को काफी गंभीरता से लिया और यह प्रस्ताव विद्या परिषद को भेजा। परिषद ने इसे अनुमोदित कर विषय शुरु करने की घोषणा की। फिलहाल इस विषय की शुरुआत दो सीटों से की गई है। उन्होने जानकारी दी कि, जिस प्रकार सीटों के प्रति रुझान बढ़ेंगे वैसे-वैसे सीटों में वृद्धि की जाएगी।
साहू ने कहा कि, इस विषय में पीएचडी शुरु हो जाने से विवि के छात्रों को अब अन्य प्रांतों में पीएचडी करने नहीं जाना पड़ेगा। इससे छात्रों को सुविधा भी मिलेगी और विश्वविद्यालय का नाम राष्ट्रीय स्तर पर ख्यामि प्राप्त करेगा। उन्होनें बताया कि, वर्तमान में बदलते जलवायु को देखते हुए किसानों को मौसम की जानकारी देना बहुत ही आवश्यक है। अब का युग परंपरागत कृषि से उठकर वैज्ञानिक कृषि करने का है। मौसम की जानकारी कृषि का महत्वपूर्ण अंग है। देश के प्रत्येक किसान को कृषि के लिए हवा, पानी और तापमान की जानकारी रखना अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि, वैज्ञानिक कृषि करने के लिए मानव संसाधनों की प्रचुर मात्रा में आवश्यकता होती है।

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