अलविदा 2017 : कुश्ती में युवाओं पर रहा दारोमदार

अलविदा 2017 : कुश्ती में युवाओं पर रहा दारोमदार

जालन्धर : कुश्ती के लिए 2017 में उपलब्धियां कम उतार-चढ़ाव ज्यादा देखे गए। सीनियर पहलवानों ने जहां कई मौकों पर निराश किया, वहीं जूनियर पहलवानों ने एशियाई चैम्पियनशिप में भारत का परचम लहराया। सीनियर एशियाई चैम्पियनशिप में केवल बजरंग ही 65 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण जीत पाए। महिला पहलवान साक्षी ने 60 किलोग्राम वर्ग में रजत जीता। ताईवान में हुई जूनियर एशियाई चैम्पियनशिप में 2 स्वर्ण समेत 12 मैडल आए। वहीं, पहलवान कैडेट एशियाई चैम्पियनशिप में 5 स्वर्ण समेत 23 पदक लाए। राष्ट्रमंडल कुश्ती प्रतियोगिता में भी 29 स्वर्ण सहित 59 मैडल जीते। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में सुशील कुमार को वॉकओवर मिलना विवाद में रहा। साल के अंत में प्री-कुश्ती लीग में पहलवानों को अच्छी कीमत मिलना सुखद अहसास दे गया।

3 साल बाद पहलवान सुशील कुमार नेशनल चैम्पियन में खेलने उतरे तो उनके सामने 3 पहलवानों ने वॉकओवर कर दिया। इन पहलवानों ने सुशील के साथ क्रमवार : क्वार्टरफाइनल, सैमीफाइनल और फाइनल में हिस्सा लेना था। इसको लेकर खूब विवाद भी हुआ, पर बीजिंग ओलिम्पिक में कांस्य और लंदन ओलिम्पिक में रजत पदक जीतकर इतिहास बनाने वाले सुशील ने कहा कि इसमें मैं क्या कर सकता हूं जब सामने वाला पहलवान लडऩे को राजी नहीं है। इस दौरान भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह भी मौजूद थे जिन्होंने रियो ओलिम्पिक से पहले सुशील की ट्रायल की मांग को खारिज करते हुए नरसिंह का पक्ष लिया था। 55 लाख रुपए में दिल्ली सुल्तांस के लिए बोली गई सुशील कुमार की प्रो-कुश्ती लीग में(

ओलिम्पिक विजेता पहलवान साक्षी का बयान जापानी पहलवान को हराने के लिए अगला जन्म लेना पड़ेगा, लंबे समय तक चर्चा का विषय रहा।

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