आदित्य घोष ने Indigo से दिया इस्तीफा

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी प्राइवेट एयरलाइंस इंडिगो के अध्यक्ष और डायरेक्टर आदित्य घोष ने शुक्रवार को अचानक इस्तीफा दे दिया है। वो 10 साल से इंडिगो का हिस्सा थे। इंडिगो ने एक बयान में कहा है उसकी पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन ने शुक्रवार को राहुल भाटिया को अंतरिम CEO की जिम्मेदारी दी है। कंपनी ग्रेगरी टेलर को प्रेसीडेंट और CEO बनाने पर विचार कर रही है। रेगुलेटर्स की मंजूरी मिलने तक राहुल भाटिया अंतरिम सीईओ बने रहेंगे।

शेयरों पर पड़ेगा असर : शेयर बाजार के जानकारों के मुताबिक इस खबर का सोमवार को इंडिगो के शेयर की कीमत पर बड़ा असर पड़ने वाला है। इंडिगो के बोर्ड ने घोष का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। उन्होंने 26 अप्रैल को इस्तीफा दे दिया था हालांकि घोष 31 जुलाई तक अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे। कंपनी ने कहा कि भाटिया सीईओ के साथ ही कंपनी के निदेशक मंडल में बने रहेंगे।

इंडिगो का मार्केट कैप 55 हजार करोड़ : घोष 2008 में इंडिगो के प्रेसीडेंट बने थे। उनका इंडिगो को टॉप पर पहुंचाने में बड़ा योगदान है। इंडिगो ने अगस्त 2006 में एक एयरक्राफ्ट से शुरूआत की थी। आज कंपनी 40 फीसदी मार्केट शेयर और 161 एयरक्राफ्ट की फ्लीट के साथ नंबर वन स्थान पर है। उनके कार्यकाल में ही इंडिगो शेयर बाजार में लिस्ट हुई। आज इंडिगो का मार्केट कैप 55 हजार करोड़ रुपए है।

ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि घोष ने अचानक इस्तीफा नहीं दिया है। इंडिगो में बड़े पदों पर कुछ भर्तियों के चलते उन्होंने इस्तीफा दिया है। आदित्य घोष ने अपने इस्तीफे का कोई कारण नहीं बताया है। हालांकि एक बयान में उन्होंने कहा कि वो भविष्य में अपने अगले एडवेंचर के लिए तैयार हैं। इंडिगो की स्थापना 2006 में हुई थी। इसको ट्रेवल कारोबारी राहुल भाटिया और यूएस एयरवेज के पूर्व सीईओ राकेश गंगवाल ने स्थापित किया था। घोष एक ट्रेंड वकील है। उन्होंने कंपनी को 2008 में ज्वाइन किया था। इंडिगो हर दिन 1 हजार से ज्यादा फ्लाइट ऑपरेट करती है।

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