छत्तीसगढ़

आहरण संवितरण अधिकारियों एवं कार्यालय प्रमुखों को दी गई जानकारी

राजनांदगांव : जीएसटी अर्थात एक राष्ट्र, एक कर एवं एक बाजार के संबंध में आज 19 जुलाई को जिला पंचायत राजनांदगांव के सभाकक्ष में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जिले के आहरण संवितरण अधिकारियों एवं कार्यालय प्रमुखों को जीएसटी के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारियां दी गई। कार्यशाला में वाणिज्यिक कर विभाग के सहायक आयुक्त श्रीमती अंजु कुमार एवं श्री हेमंत सिन्हा सहित डिप्टी कलेक्टर श्री सोनेश्वरी, जिला कोषालय अधिकारी श्री धीरज नशीने, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री तारकेश्वर देवांगन तथा जिला पंचायत के लेखा अधिकारी श्री सुशील गजभिये एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

इस दौरान वाणिज्यिक कर विभाग के अंतर्गत राज्य कर के सहायक आयुक्त श्रीमती अंजु कुमार एवं हेमंत सिन्हा द्वारा कार्यशाला में उपस्थित जिले के आहरण संवितरण अधिकारियों एवं कार्यालय प्रमुखों को जीएसटी के अर्थ, उद्देश्यों के अलावा पंजीयन एवं भुगतान आदि के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। श्रीमती अंजु कुमार ने एक जुलाई 2017 से मूल्य संवर्धित कर की खत्म होने की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि जीएसटी के अंतर्गत कृषि संबंधी कार्यों के लिए कोई भी कर नहीं लेने का प्रावधान है। श्रीमती कुमार ने बताया कि ढ़ाई लाख से ऊपर के टेंडर हेतु 2 प्रतिशत टीडीएस काटा जाना आवश्यक है। इसके साथ ही प्रत्येक डिडक्टर को जीएसटी में पंजीयन लेना आवश्यक है तथा पंजीयन हेतु ऑनलाईन आवेदन जीएसटी लागू होने के 30 दिनों के भीतर देना होगा। आवेदन के 3 दिनों के भीतर जीएसटी टिन मिलेगा तथा पंजीयन कराने के लिए आवेदक के पास TAN होना आवश्यक है। पंजीयन के बाद टीडीएस की स्थिति नहीं बनने पर पंजीयन निरस्त किया जा सकता है। इसके लिए ऑनलाईन आवेदन देना होगा। इसके साथ ही प्रत्येक डिडक्टर को ऑनलाईन फाईल करना अनिवार्य है। जिस माह में टीडीएस काटी गई है उस माह की समाप्ति के पश्चात 10 दिनों के भीतर अर्थात अगले माह के 10 तारीख तक ऑनलाईन रिटर्न जीएसटीआर-7 में फाईल करना होगा। श्रीमती अंजु कुमार ने बताया कि किसी माह के लिए रिटर्न तभी फाईल होगा जब उस माह के पूर्व के देय सभी रिटर्न फाईल किया गया हो। रिटर्न के साथ काटी गई टीडीएस की राशि ऑनलाईन जमा करना होगा। रिटर्न में त्रुटि होने पर इसे संशोधित भी किया जा सकता है या वर्ष 2017-18 के किसी माह के लिए 10 अक्टूबर 2018 तक संशोधित किया जा सकेगा।

कार्यशाला में सहायक आयुक्त श्री हेमंत सिन्हा ने जीएसटी के अंतर्गत दर, भुगतान, ब्याज शुल्क आदि के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि सप्लायर का लोकेशन और सप्लाई का स्थान छत्तीसगढ़ से बाहर है तो टीडीएस की कटौती नहीं की जायेगी। जिस माह में टीडीएस काटी गई है उस माह की समाप्ति की 10 दिनों के भीतर टीडीएस की राशि जमा करना होगा अर्थात रिटर्न के साथ टीडीएस की राशि जमा कराना आवश्यक है। उन्होंने टीडीएस की राशि कटने के बाद जमा नहीं करने पर ब्याज लगने की भी जानकारी दी। इसके अंतर्गत जीएसटी एक्ट के तहत रिटर्न विलंब से फाईल करने पर 100 रूपए प्रतिदिन एवं अधिकतम 5 हजार रूपए तक ब्याज अदा करना होगा। कार्यशाला में अधिकारियों द्वारा जीएसटी के संबंध में पूछे गये प्रश्रों का जवाब भी दिया गया। इस दौरान जिले के आहरण संवितरण अधिकारी एवं विभाग प्रमुखगण उपस्थित थे।

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