ई-लर्निंग को प्रोत्साहित करने माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय एवं सीईसी के मध्य एमओयू

विश्वविद्यालय के विद्यार्थी एवं शिक्षकों के लिए ऑनलाइन एवं ऑफलाइन उपलब्ध होगा 97 विषयों का डिजिटल कंटेंट

भोपाल : ई-लर्निंग को प्रोत्साहित करने एवं डिजिटल कंटेंट का अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय ने कंसोर्टियम फॉर एजुकेशनल कम्युनिकेशन (सीईसी) के साथ सहमति पत्रक (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया है।

इस एमओयू के बाद विश्वविद्यालय के विद्यार्थी एवं शिक्षक सीईसी द्वारा तैयार कराए गए 97 विषयों के डिजिटल कंटेंट का उपयोग अपने अध्ययन एवं अध्यापन में कर सकेंगे। सहमति पत्रक पर विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला एवं सीईसी की ओर से निदेशक प्रो. राजवीर सिंह ने हस्ताक्षर किए।

इस अवसर पर सीईसी के निदेशक प्रो. राजवीर सिंह ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सबके लिए उपलब्ध हो, इसके लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने डिजिटल कंटेंट तैयार कराने के प्रयास शुरू किए थे। पिछले तीन साल में इस दिशा में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। तीन वर्ष पहले तक सीईसी प्रतिवर्ष 400 से 500 शैक्षिक सामग्री तैयार कर रहा था। जबकि अब चार से पाँच हजार शैक्षिक कार्यक्रम प्रतिवर्ष तैयार हो रहे हैं। ई-लर्निंग और डिजिटल कंटेंट का मुख्य उद्देश्य है- शिक्षा में गुणवत्ता को बढ़ावा देना और तकनीक के माध्यम से शिक्षा का प्रसार करना।

सीईसी चार प्रारूप में शैक्षिक सामग्री तैयार कर रहा है। एक, वीडियो प्रारूप में। दो, ई-बुक रूप में। तीन, अधिक अध्ययन के लिए रिफरेंस और चार, स्वाध्याय को प्रोत्साहित करने के लिए असाइनमेंट। उन्होंने बताया कि सीईसी अब तक 97 विषयों की शैक्षिक सामग्री तैयार करा चुका है, जो ऑनलाइन उपलब्ध है। इस एमओयू के बाद विश्वविद्यालय के विद्यार्थी एवं शिक्षक इस सामग्री का ऑनलाइन एवं ऑफलाइन उपयोग कर सकेंगे।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला ने कहा कि बदलती दुनिया में क्या अध्यापक बदल रहा है? यह प्रश्न आज के अध्यापकों के सामने है। इस पर विचार करने की आवश्यकता है। आज के विद्यार्थी में ज्ञान प्राप्त करने और सीखने की भूख अत्यधिक है। अपनी भूख को शांत करने के लिए वह किताबों के साथ-साथ डिजिटल माध्यमों का भी उपयोग कर रहा है। ऐसे में सीईसी द्वारा तैयार कराया गया, ई-कंटेंट विद्यार्थियों के लिए बहुत उपयोगी साबित होगा। सीईसी के डिजिटल कंटेंट का उपयोग करने के लिए विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के लिए डिजिटल कॉर्नर बनाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के शिक्षकों को भी अपने विषय के ई-कंटेंट तैयार करना चाहिए। मीडिया और कम्प्यूटर के शिक्षक प्रभावी ई-कंटेंट बनाने के लिए प्रशिक्षण देने की योजना भी बना सकते हैं। इस अवसर पर धन्यवाद ज्ञापन कुलाधिसचिव श्री लाजपत आहूजा और कार्यक्रम का संचालन श्री दीपक चौकसे ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. संजय द्विवेदी, सम्बद्ध संस्थाओं के निदेशक श्री दीपक शर्मा, सीएसआईआर के निदेशक प्रो. मनोज कुमार पटैरिया, एमिटी यूनिवर्सिटी गुडगाँव की प्रो. पूजा राणा सहित सभी विभागाध्यक्ष, शिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

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