सैफुद्दीन सोज के निजी बयान ने कांग्रेस को किया घायल, हुआ चौतरफा हमला

कहा, मुशर्रफ सही कहते थे, क​श्मीरियों की प्राथमिकता है आजादी

श्रीनगर।

कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सैफुद्दीन सोज ने कश्मीर की नई समझ विकसित की है और हैरत की बात है कि उनमें यह समझ पाकिस्तान के सैनिक तानाशाह रहे परवेज मुशर्रफ के बयान से विकसित हुई।

उन्होंने शुक्रवार को एक समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा, ‘मुशर्रफ कहते थे कि कश्मीरी लोग पाकिस्तान के साथ विलय नहीं चाहते। उनकी पहली पसंद तो आजादी है। मुशर्रफ का यह बयान तब भी सही था, आज भी सही है। मैं भी यही मानता हूं, लेकिन जानता हूं कि ऐसा हो पाना मुमकिन नहीं है।’

सोज ने अपनी किताब ‘कश्मीर : ग्लिम्प्सेस ऑफ हिस्ट्री एंड द स्टोरी ऑफ स्ट्रगल’ में भी मुशर्रफ की बातों का जिक्र किया है। इस किताब का इसी महीने लोकार्पण होना है।

किताब में सोज ने लिखा है, ‘मुशर्रफ ने कहा था कि अगर कश्मीरियों को अपनी राह चुनने का मौका दिया जाए तो वे आजादी को तरजीह देंगे। मुशर्रफ ने यह बात अपने मुल्क की फौज के आला अफसरों से भी कही थी।’

उनकी बयानबाजी का भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने तीखा विरोध किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर तपाक से कहा, ‘सैफुद्दीन सोज जब केंद्र में मंत्री थे तब उन्होंने सरकार की मदद से अपनी बेटी को जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के चंगुल से छुड़ाया था। तब उनकी मदद इन लोगों (अलगाववादियों) ने नहीं की थी। जो लोग भारत में रहना चाहते हैं वे रहें। अगर सोज को मुशर्रफ पसंद हैं तो हम उन्हें पाकिस्तान का एक तरफ का टिकट दे सकते हैं।’

वहीं, इस बयान पर भड़कते हुए शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने कहा, ‘सोज के अपने इस बयान पर सफाई देनी चाहिए। अगर उन्हें मुशर्रफ से इतना ही प्यार है तो वे पाकिस्तान जाकर उनकी चाकरी कर सकते हैं।’

उधर, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सोज के बयान पर कहा, ‘कांग्रेस नेताओं का मुशर्रफ के प्रति ज्यादा प्रेम दिख रहा है। गुलाम नबी आजाद शहीद औरंगजेब के घर आर्मी चीफ और रक्षा मंत्री के जाने को ड्रामा कहते हैं। आजाद कहते हैं कि सेना कश्मीर में जनता को मार रही है। कांग्रेस सेना के जज्बे को तोड़ने का काम करती है जबकि पूरा देश शहीद औरंगजेब और उनके पिता के जज्बे को सलाम कर रहा है।’

आजकल कांग्रेस नेताओं के बयान को पाकिस्तान से खूब समर्थन मिल रहा है। हमारे पास एक पुराना वीडियो है, जिसमें हाफिज सईद कांग्रेस के नेताओं की तारीफ कर रहा है। अगर कांग्रेस ऐसे ही बयान देती रही तो जल्द ही 44 से 14 (लोकसभा सीट) पर आ जाएगी। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी को अपनी पार्टी के नेताओं के बयानों पर जवाब देना चाहिए।’

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