केन्द्रीय रक्षामंत्री के हाथों छत्तीसगढ़ हुआ सम्मानित, झांकी को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार

रायपुर: छत्तीसगढ़ एक बार फिर राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित हुआ है । केन्द्रीय रक्षा मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन ने आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय रंगशाला शिविर में आयोजित एक गरिमामय समारोह में गणतंत्र दिवस पर 26 जनवरी को राजपथ पर निकली छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में रामगढ़ की पर्वतीय गुफाओं में स्थित ऐतिहासिक नाट्यशाला पर आधारित झांकी को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया।

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इस उपलब्धि के लिए जनसम्पर्क विभाग सहित प्रदेश की जनता और विशेष रूप से सरगुजा जिले की जनता को भी बधाई दी है। पुरस्कार समारोह में केन्द्रीय रक्षा मंत्री ने छत्तीसगढ़ के कलाकारों के प्रदर्शन और रामगढ़ की झांकी की प्रशंसा की।

जनसंपर्क विभाग के विशेष सचिव और संचालक श्री राजेश टोप्पो ने बताया कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव की बात है कि राज्य की समृद्ध प्राचीन संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गौरवपूर्ण स्थान मिला। उन्होंने बताया कि भारत के राष्ट्रपति , प्रधानमंत्री और आसियान देशों राष्ट्राध्यक्षों के समक्ष छत्तीसगढ़ की झांकी को प्रदर्शन का अवसर प्राप्त हुआ ।

किसी भी राज्य की झांकी को राजपथ पर प्रतिनिधित्व मिलना ही गौरव की बात होती है। पुरस्कार मिलने से यह खुशी दुगुनी हो गयी। उन्होंने बताया कि यह चौथी बार है जब राज्य की झांकी को राष्ट्रीय स्तर पर यह सम्मान मिला है । इसके पहले वर्ष 2006 , 2010 और 2013 में भी राज्य की झांकी को यह सम्मान मिला था ।

श्री बताया कि जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने पिछले 6 माह से इसके लिए अथक परिश्रम किया था । झांकी के साथ इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने झांकी की विषयवस्तु प्रसिद्ध कवि कालिदास की विश्वविख्यात रचना मेघदूतम को जिसे उन्होंने रामगढ़ की पहाड़ियों में बनी इस नाट्यशाला में ही मूर्तरूप प्रदान किया था , अपने संगीत और नृत्य के माध्यम सजीव रूप प्रदान किया । केन्द्रीय रक्षा मंत्री से जनसम्पर्क विभाग अपर संचालक उमेश मिश्रा और संयुक्त संचालक धनंजय राठौर ने यह पुरस्कार प्राप्त किया।

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