गुजरात: 2 पाटीदार नेता BJP में शामिल, कहा – हमारी लड़ाई कांग्रेस को जिताने के लिए नहीं थी

अहमदाबाद: भले ही गुजरात विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान न हुआ हो लेकिन गुटबंदी का गेम शुरू हो गया है. शनिवार को काफी सियासी गहमा-गहमी रही. पाटीदार समाज के दो नेता रेशमा पटेल और वरुण पटेल ने अहमदाबाद में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात करके पार्टी ज्वाइन कर ली.

रेशमा पटेल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, हमारी लड़ाई समाज को न्याय दिलाने की थी न कि काग्रेस को जिताने की. बीजेपी ने हमारी तीन मांगें स्वीकार कर ली हैं.

वहीं, वरुण पटेल ने कहा कि हमने सरकार और सीएम के सामने अपनी मांगें रख दी हैं. उन्हें पूरा करने का भरोसा दिलाया है. बीजेपी की पूरी कोशिश पाटीदार एकता को तोड़ने की है.

पार्टी जितना ज्यादा पाटीदार वोटरों को तोड़ने में कामयाब होगी, जीत की संभावना उतनी ही बढ़ती जाएगी.

कांग्रेस ने भी रचा व्यूह

उधर, कांग्रेस ने बीजेपी को घेरने की कवायद शुरू कर दी है. कांग्रेस की पूरी कोशिश बीजेपी के खिलाफ चले आंदोलन और उसके चेहरे को अपने पाले में करके ओबीसी, दलित और पाटीदार वोटरों को अपने पक्ष में करने की है.

हार्दिक पटेल को कांग्रेस ने चुनाव लड़ने का आमंत्रण भेजा है. गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष भरत सोलंकी ने राष्ट्रीय दलित अधिकार मंच के संयोजक जिग्नेश मेवाणी और ओबीसी समाज के नेता अल्पेश ठाकुर का भी पार्टी में स्वागत किया है. ओबीसी समाज के नेता अल्पेश ठाकुर ने कांग्रेस का दामने का निर्णय लिया है.

शनिवार को ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर ने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात करके कांग्रेस को समर्थन देने का वादा कर दिया. अल्पेश ने 23 अक्टूबर को कांग्रेस में शामिल होने का ऐलान किया है.

हालांकि दलित नेता जिग्नेश मेवाणी ने कांग्रेस के पाले में सीधे तौर पर तो नहीं आए हैं लेकिन वह बीजेपी के खिलाफ हैं. अगर उन्होंने अप्रत्यक्ष तौर पर समर्थन दिया तो बीजेपी को नुकसान हो सकता है.

कांग्रेस ने एनसीपी से गठबंधन के भी संकेत दिए हैं. इसके अलावा, गुजरात के अकेले JDU विधायक छोटू वासवा को भी कांग्रेस साथ लाने की कोशिश में है.

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