देश को समृद्धि की राह दिखा गया, छत्तीसगढ़ का कृषि समृद्धि मेला

रायपुर: राष्ट्रीय कृषि समृद्धि मेला ने छत्तीसगढ़ को एक नई पहचान दी है। अब 5 दिवसीय इस मेला कार्यक्रम एक उत्सव के रूप में देखा जाता है, जिसमें छत्तीसगढ़ के कोने-कोने से आने वाला किसान यहां पहुंचकर नवाचार को देखता और समझता है। इसके बाद वह आत्मविश्वास से लबरेज होकर समृद्धि की राह पकड़ता है।

इस मेला की सफलता में प्रदेश के कृषि एवं सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल का व्यक्तिगत परिश्रम भी साफ नजर आता है। वे पूरी शिद्दत के साथ गांव, गरीब और किसानों की बेहतरी के लिए काम करते नजऱ आते है। इन पांच दिनों में अपने हाथों से किसानों को भोजन परोसने से लेकर दूसरे राज्यों से आए अतिथियों को एक गाइड की तरह मार्गदर्शन करते नजऱ आए। वे एक अच्छे लीडर की तरह विभागीय अधिकारियों को कर्मचारियों को साथ लिया और निष्ठा के साथ कार्य करते हुए कृषि समृद्धि मेला को सफल बना पाए। इन पांच दिनों में अच्छी बात देखने को यह मिली कि, हर किसान अपने मीठे अनुभवों के साथ-साथ चेहरे पर मुस्कान लेकर बाहर जाते दिखा। 

24 से 28 जनवरी तक किसानों की समृद्धि के लिए हुए इस सफलतम कार्यक्रम में प्रदेश के लगभग 2 लाख किसान शामिल हुए। इसमें राष्ट्रीय नेताओं ने भी अपनी भागीदारी इस मेला में की।

यहां विशेष रूप से केंद्रीय जल संसाधन और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने एक नई सोंच यहां के किसानों को दी। 
उन्होंने तरक्की के लिए पैरा-कोयला से मिथेनॉल बनाने का सूत्र देकर किसानों को जगाने का काम किया और कहा कि अब केवल खेती के दम किसानों की जिंदगी नही संवारी जा सकती। किसानों का भविष्य तभी सुधर सकता है जब वह कृषि के साथ-साथ उस पर आधारित अन्य कार्यों की तरफ रुख करें।

कृषि आधारित उद्योगों (फूड प्रोसेसिंग यूनिट) की भी यहा महती आवश्यकता है। किसान को उत्पादन के साथ मार्केटिंग भी सिखाने की जरूरत है। छत्तीसगढ़ की ही बात करें तो चावल का उत्पादन ज्यादा है और मांग कम। ऐसे में यह खेती फायदे की नही है। उत्पादन ज्यादा होगा तो कीमतें नीचे आएंगी ही यही अर्थशास्त्र का मूल सिद्धांत है।

केंद्रीय राज्य मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला ने भी यहां किसानों का मार्गदर्शन किया। यहां मेला की भव्यता और जीवंतता देखकर कहा यह मेला अद्भुत है, अकल्पनीय है। राज्य के कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की सकारात्मक सोच का लाभ देश के किसानों को मिले इसके लिए मैं अन्य राज्यों में जाकर इसकी महिमा बताऊंगा और किसानों के हित मे उन्हें ऐसे कार्यक्रम के लिए प्रेरित करूंगा। केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कृष्णा राज ने कृषि समृद्धि मेला की तारीफ करते हुए इसे अन्य राज्यों के लिए है प्रेरणादायक बताया और कहा कि, किसानों के उत्थान के बिना भारत की प्रगति नहीं हो सकती। 

इसी प्रकार यहा बतौर अतिथि पहुंचे उत्तर प्रदेश के कृषि एवं कृषि शिक्षा मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने हृदय से इस राष्ट्रीय कृषि समृद्धि मेला की सराहना की। वे दो दिनों तक अपने अफसरों के साथ यहा डटे रहे कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, सिंचाई आदि विभागों के जीवंत प्रदर्शनों का अवलोकन किया। शाही ने मेला के मंच पर केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री अन्य राज्यों के मंत्रियों के समक्ष मुखर होकर कहा कि, कभी पिछड़ा कहलाने वाला छत्तीसगढ़ कृषि क्षेत्र में हमारे यूपी से बहुत आगे निकल चुका है।

यहां के कृषि-सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल जैसे किसान हितैषी नेतृत्व ने किसानों को समृद्धि के मार्ग पर लाने का जो संकल्प लिया है, निश्चित ही उनका संकल्प पूरा होगा। हम अपने यूपी के किसानों को भी उसी समृद्धि के मार्ग पर लेकर जाएंगे। हरियाणा के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनगढ़ ने भी मेला की सराहना की और इसे अनुकरणीय बताया। कृषि समृद्धि मेला के सूत्रधार प्रदेश के कृषि मंत्री ने कहा कि, आज की जरूरत के अनुरूप देश-विदेश में खेती-किसानी के क्षेत्र में हो रहे नए प्रयोगों और नई तकनीक की जानकारी छत्तीसगढ़ के किसानों तक पहुंचाने के लिए हमने इस आयोजन की शुरुआत की थी।

खेती-किसानी का काम जोखिम भरा होता है इसलिए हमने सोंचा कि नई सोच के साथ नवाचार करने से प्रेरणा यहां किसानों को मिलेगी। उन्होंने कहा कि, छत्तीसगढ़ का किसान अब अब एकीकृत खेती का तरीका अपनाने की कोशिश कर रहा है। जिसमें वह फल-फूलों की खेती के साथ-पशुपालन, मछलीपालन भी शामिल कर रहा है। साथ ही कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोंच के अनुरूप हम किसानों की आय 2022 तक दुगुनी करने का लक्ष्य लेकर चल रहे है। हमारे मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह का भरपूर सहयोग हमे निरंतर मिलता है। यह मेला इस दिशा में बेहद कारगर है। बृजमोहन ने कहा कि, हम यहां पानी की एक-एक बूंद का उपयोग कर अधिक से अधिक खेती-करने की सीख जो किसानों को दी है। 

निश्चित ही जागरूक होकर हमारा किसान भाई इसे उपयोग में लाएगा और हमारे मेला की सार्थकता को सिद्ध करेगा। 

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