देश-समाज के काम आए, ऐसी शिक्षा मिले : बृजमोहन

रायपुर: सिर्फ किताबी ज्ञान ही शिक्षा नहीं होती। शिक्षा वह होती है जिसमें बच्चों के सम्पूर्ण व्यक्तित्व का विकास हो और वह संस्कारवान बने। आज मूल्यों पर और गौरवशाली इतिहास पर आधारित शिक्षा की आवश्यकता ताकि व्यक्ति सम्मान और स्वाभिमान के साथ अपनी जिन्दगी जी सकें। सोमवार को ये बातें प्रदेश के कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने जागृति उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भाठागांव, ज्ञान भारती पब्लिक स्कूल अयोध्या नगर और वीएलएम इंग्लिश स्कूल ओम सोसायटी सुंदर नगर के वार्षिकोत्सव में कहीं। 

उन्होंने कहा कि, आज मूल्यों पर आधरित शिक्षा प्रदान करने की आवश्यकता है, ताकि व्यक्ति सफल जीवन व्यतीत कर सके। परिवार के अलावा व्यक्ति जीवन के महत्वपूर्ण 12 वर्ष में ज्यादातर समय स्कूल में बिताता है। जहां शिक्षकों की देख-रेख में बच्चों का विकास होता है। बच्चे कच्ची मिट्टी की तरह होते है। उन्हें जिस रूप में ढाला जाएं वैसे वे बनते है। साथ ही कहा कि, बच्चों को सर्वप्रथम नैतिकता के साथ संस्कारों की शिक्षा मिलनी चाहिए, ताकि बेहतर समाज निर्माण की राह में वे आगे बढ़ सके। सही मायने में शिक्षक व्यक्ति के नीव का निर्माण करता है। जिस पर व्यक्ति का सारा जीवन टिका रहता है। 

बृजमोहन ने कहा कि परिजन बच्चों के कैरियर को लेकर बहुत चिंतित रहते है। वे अपनी सोंच अनुरूप बच्चे को शिक्षित करना चाहते है, लेकिन देखा जाता है कि, बहुत से बच्चे जिन विषयों में उनकी रूचि नही है उन विषयों की पढ़ाई कर बेमन से आगे बढऩे की कोशिश करते है। अगर हम बच्चों को उनकी इच्छानुसार शिक्षा प्रदान करें तो बेहतर नतीजे मिलेंगे। 

साथ ही उन्होंने कहा कि, ऐसे कैरियर का क्या मतलब जिसमे हम अपने माता-पिता को खुशी न दे सके। सफल कैरियर तभी माना जाता है जब हम अपने पालकों को खुश रख सके। उन्होंने बच्चों से कहा कि, मेरी यही सीख है कि आप कही भी रहे, पर अपने माता-पिता की खुशी को सर्वोपरि रखे। इस अवसर पर प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम भी देखा और इस दौरान प्रतिभावान विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया। 

कार्यक्रमों में रामकिंकर सिंह, सुशील शर्मा, हेमंत शर्मा, यशोदा साहू, यशवंत अग्रवाल, अंबर अग्रवाल, आदि मौजूद थे।

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