धान की अवैध बिक्री, परिवहन के 1249 प्रकरण दर्ज

रायपुर:  राज्य में धान उपार्जन प्रक्रिया अंतिम चरण में है। किसानों से समर्थन मूल्य पर 31 जनवरी तक धान खरीदी की जाएगी। इस खरीफ वर्ष में राज्य में अवैध धान की बिक्री और परिवहन को रोकने के लिए शासन की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है।

राज्य में अब तक मण्डी एक्ट के प्रावधानों के तहत कोचिये और बिचौलियों के विरुद्ध एक हजार 249 प्रकरण दर्ज किए गए हैं और 38 हजार 537 क्विंटल धान जब्त किया गया। इसी तरह से धान के अवैध परिवहन करते पाए जाने पर 106 वाहनों को जब्त किया गया है। धान जब्ती के सबसे अधिक प्रकरण महासमुंद, रायपुर और दुर्ग जिले में दर्ज किए गए हैं। 

कहाँ कितने प्रकरण दर्ज : 

खाद्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि महासमुंद जिले में 528 प्रकरण दर्ज कर नौ हजार 378 क्विंटल धान जब्त किया गया। रायपुर में 137 प्रकरण दर्ज कर तीन हजार 360 क्विंटल धान जब्त किया गया। दुर्ग जिले में 97 प्रकरण दर्ज किए गए और दो हजार 822 क्विंटल धान जब्त किया गया। अधिकारियों ने कहा कि जब्त किए गए धान की कीमत लगभग छह करोड़ रुपए है।

धान की अवैध बिक्री और परिवहन की रोकथाम के लिए खाद्य विभाग की ओर से राज्य के सभी जिलों में जिला प्रशासन, राजस्व विभाग, कृषि उपज मण्डी और सहकारिता विभाग के अधिकारियों का दल बनाया गया है। गठित दल की ओर से सतत निगरानी की जा रही है और कोचिये और बिचौलियों पर कार्रवाई की जा रही है।

इससे धान के अवैध व्यापार और अवैध परिवहन पर रोक लगी है। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि धान खरीदी के अंतिम दिनों में राज्य के सीमावर्ती राज्यों से लगे जिलों के धान खरीदी केन्द्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। उडऩदस्तों को कोचिये और बिचौलियों के विरुद्ध त्वरित और कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

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