पत्रकारिता में विश्वसनीयता सबसे जरूरी : डॉ. रमन

रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री ने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के सामुदायिक रेडिया व टेलीविजन कार्यक्रम निर्माण स्टूडियो का लोकार्पण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि, पत्रकारिता में विश्वसनीयता सबसे जरूरी है। शालीनता से ही पत्रकारिता होती है, चिल्लाने से नहीं। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए इन सुविधाओं का लोकार्पण करते हुए विश्वविद्यालय को शुभकामनाएं दी।

20 किलोमीटर के दायरे में सुना जा सकेगा रेडियो प्रसारण :

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि, यह रेडियो स्टेशन विद्यार्थियों के प्रशिक्षण के साथ-साथ स्वच्छता, पर्यावरण आदि विषयों को लेेकर समाज में जनजागरण का भी माध्यम बनेगा। उन्होंने इस नए रेडियो स्टेशन और टेलीविजन स्टूडियो को अपना साक्षात्कार भी दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि, सोशल मीडिया का भी प्रभाव बढ़ रहा है। ऐसे समय में प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रानिक मीडिया दोनों पर अपनी खबरों की विश्वसनीयता बनाए रखने की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री के रेडियो इंटरव्यू का तत्काल लाइव प्रसारण भी किया गया। यह सामुदायिक एफएम रेडियो स्टेशन 90.8 फ्रिक्वेंसी पर विश्वविद्यालय के बीस किलोमीटर के दायरे में सुना जा सकेगा। लोकार्पण कार्यक्रम में प्रदेश के उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों में भी नहीं है ये सुविधा : सीएम

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि, इस विश्वविद्यालय में आज उपलब्ध कराई गई सुविधाएं देश के कई राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों में भी नहीं है। इन सुविधाओं के उपलब्ध होने से विद्यार्थी इन माध्यमों के तकनीकी पहलुओं का प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। इसके पहले यहां के विद्यार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का व्यावहारिक काम क्षेत्र में देख-देख कर सीखना पड़ता था।

छत्तीसगढ़ मित्र का किया स्मरण :

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता का गौरवशाली इतिहास रहा है। आज से 118 वर्ष पूर्व सन 1900 में माधव राव सप्रे ने पेण्ड्रा से छत्तीसगढ़ मित्र का प्रकाशन प्रारंभ किया था। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इस विश्वविद्यालय की नींव रखी थी। इस विश्वविद्यालय से कुशाभाऊ ठाकरे जैसी विभूति का नाम जुड़ा हुआ है। आने वाले समय में इस विश्वविद्यालय की पहचान बनाने की जवाबदारी यहां से निकले विद्यार्थियों की है। उन्होंने पंडित रविशंकर शुक्ल और मोतीलाल वोरा का इस संदर्भ में उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि, इन सुविधाओं के उपलब्ध होने से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता और रेडियो पत्रकारिता का व्यवहारिक प्रशिक्षण मिलेगा और वे पूरे आत्मविश्वास के साथ पत्रकारिता जगत में काम प्रारंभ कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि तथ्यपरक खबरों और तर्कसंगत तरीके से अपनी बात रखने पर ही किसी पत्रकार की विश्वसनीयता बनती है। पत्रकार को अध्ययनशील होना चाहिए। पत्रकारिता के विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ के इतिहास, भूगोल की पूरी जानकारी हो, छत्तीसगढ़ के साहित्य, संस्कृति, राजनीति, वर्तमान घटनाक्रम की भी पूरी जानकारी होनी चाहिए और शालीनता के साथ अपनी बात रखना चाहिए।

विश्वसनीयता को परखने की जिम्मेदारी पत्रकारिता से जुड़े लोगों की : पांडेय

उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने कहा कि, विश्वविद्यालय में एफएम सामुदायिक रेडियो स्टेशन और टेलीविजन कार्यक्रम निर्माण स्टूडियो की सुविधा उपलब्ध होने से आज विश्वविद्यालय के जुड़े जनसंचार नाम की पूर्णता हुई। अब विद्यार्थियों को जन संचार का व्यवहारिक ज्ञान यहां मिलेगा।

पाण्डेय ने कहा कि, आज के बदलते परिवेश और सूचना प्रौद्योगिकी के बढ़ते प्रयोग से सूचनाओं की बाढ़ आ गई है। इन सूचनाओं की विश्वसनीयता को परखने की जिम्मेदारी पत्रकारिता से जुड़े लोगों की है।

विश्व विद्यालय निकालेगा अखबार :

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. मानसिंह परमार ने कहा कि, विश्वविद्यालय में अब विद्यार्थियों को टेलीविजन प्रोडक्शन, एंकरिंग, इटरव्यू, डॉक्यूमेंट्री तैयार करने के तकनीकी पहलुओं का व्यवहारिक प्रशिक्षण मिल सकेगा। रेडियो संवाद के प्रारंभ होने से इस क्षेत्र का भी व्यवहारिक प्रशिक्षण विद्यार्थियों को मिलेगा। .

उन्होंने कहा कि, आने वाले समय में विश्वविद्यालय से एक दैनिक समाचार पत्र का प्रकाशन प्रारंभ करने की योजना है, जिससे विद्यार्थियों को प्रिंट मीडिया का भी व्यावहारिक अनुभव मिल सके। उन्होंने कहा कि, भारतीय जनसंचार संस्थान विश्वविद्यालय से निकले छात्रों के प्लेसमेंट में मदद कर रहा है। इस संस्थान के साथ फेकल्टी और छात्रों के एक्सचेंज का कार्यक्रम भी भविष्य में संचालित किया जाएगा।</>

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