बंद होने की कगार पर हैं सेक्टर-9 अस्पताल के कई विभाग

भिलाई : सेक्टर नौ हास्पिटल में डॉक्टर व पैरामेडिक स्टाफ का टोटा होने के संयंत्र कर्मचारियों और उनके परिजनों को इलाज के लिए दिक्कतें हो रही है। कभी मध्य भारत का सबसे बड़ा और पचास साल पुराना यह अस्पताल अब निरंतर खस्ताहाल होता जा रहा है। यहां सुविधाओं और सेवाओं के लगातार गिरते स्तर के साथ चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहा है। वहीं आधा दर्जन चिकित्सा विभाग बंद होने की कगार पर हैं। इसके चलते मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसे देखते हुए यूनियनों ने इसे रिस्टैंड किए जाने की मांग उच्च प्रबंधन से की है। भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा संचालित सेक्टर नौ हास्पिटल चैतरफा समस्याओं से जूझ रहा है। 1969 में शुरु हुआ यह अस्पताल सालों तक अविभाजित मध्य प्रदेश और उड़ीसा का न सिर्फ सबसे बड़ा अस्पताल था बल्कि यहां के मरीजों के साथ अपने पचास हजार से अधिक कर्मचारियों और इतने ही गैर बीएसपी परिवारों के इलाज के लिए प्रसिद्ध था। दस पंद्रह साल पहले तक यह अपनी चिकित्सा गुणवत्ता के लिए जाना जाता था। डायरेक्टर डां. आरजे चौबे के जाने के बाद स्तर में गिरावट शुरु हुई, यह सिलसिला अब मंदी और घाटे के चलते संयंत्र की खराब स्थिति के कारण इतना चरम पर पहुंच गया है।

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