भूखा न सोये कोई अपना, रोटी बैंक की शुरुआत

रायपुर: रोटी बैंक का है सपना भूखा न सोये कोई अपना। इस उद्देश्य को पूरा करने देश के युवा आगे आ रहे है।

युवा रोटी बैंक से जुड़कर यहां अपने सेवा कार्य से समाज को प्रेरित करने में काफी सफर दिख रहे है। रोटी की कोई जाति, धर्म नहीं होता भोजन दान की सेवा सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण होती है।

छत्तीसगढ़ में लोगों का रोटी बैंक को अच्छा सहयोग मिल रहा है।

संस्थापक विक्रम पाण्डेय ने सोमवार को प्रेसवार्ता में कहा कि, जरूरतमंदों को उनकी पसंद से अन्य आवश्यक सामाग्री और खुद अपने और परिवार के लिए चुन सकते है, उसकों भी जनसहयोग से पूर्ण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि, उक्त सभी कार्य बिना किसी सरकारी व्यक्तिगत शुल्क से पूरे देश में संचालित किये जा रहे है।

यह जनसहयोग और जनसमर्थन से संचालित संगठन है। उन्होंने कहा कि, 28 जनवरी को शाम 6 बजे अलग-अलग युनिट चार धर्मगुरूओं और समाज सेवकों की मौजूदगी में भाठागांव और प्रोफेसर कॉलोनी में से शुरू किया गया।

इंडियन रोटी बैंक दिल्ली, युपी, बिहार और रायपुर सहित आदि राज्यों में भुखे जरूरतमंदों के लिए कार्य कर रहा है। इस कड़ी में आज बैंक शाखा बेमेतरा में रोटी बैंक शुरू करने जा रहा है।

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