भूमि डायवर्सन कानून खत्म करने मरवाही विधायक ने सीएम को लिखापत्र

रायपुर: मरवाही विधायक ने पत्र लिखकर मुख्यमंत्री डा रमन सिंह से भूमि डायवर्सन कानून को आम जनता के हितों के लिए समाप्त करने की मांग की है।

मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में मरवाही विधायक अमित जोगी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भू-राजस्व संहिता की धारा 172 के तहत भूमि व्यपवर्तन कानून प्रभावशील है। इसमें वाणिज्यिक प्रयोजन के तहत किसी परिसर के उपयोग में आंशिक रुप से निवास और आंशिक रुप से व्यवसाय को भी वाणिज्यिक प्रयोजन के उपयोग में सम्मिलित किया गया है।

इसके चलते आम जनता को डायवर्सन के नाम पर काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं आज प्रदेश में कई हजार प्रकरण कई सालों से लंबित हैं। जिनका निराकरण नहीं हो पा रहा है तथा डायवर्सन के नाम पर दलाली और भ्रष्टाचार की शिकायतें भी आम हो चली है।

डायवर्सन के अभाव में जरुरतमंद लघु और मध्यम वर्ग के व्यापारियों को व्यवसाय और उद्योग के लिए बैंकों के माध्यम से ऋण मुहैया नहीं हो पाता है। इसके अलावा किसान को भी कृषि ऋण के लिए निर्धारित सीमा के अंतर्गत ही अल्प ऋण प्राप्त हो पाता है जो कि भेदभाव और असमानता का परिचायक है। साथ ही व्यापारियों और किसानों के साथ ही साथ प्रदेश के विकास में भी बाधक है।

डायवर्सन के अभाव में जमीन की कीमतों में भी असमानता प्रभावशील रहती है। इस कारण से डायवर्सन की जटिलताओं और विसंगतियों से होने वाली क्षति को ध्यान में रखते हुए ही मध्यप्रदेश सरकार ने डायवर्सन नियम को प्रदेश में समाप्त कर दिया है। अमित जोगी ने पत्र में मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह से अपील की है कि आम जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए राज्य में प्रचलित डायवर्सन नियम को समाप्त करें।

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