छत्तीसगढ़

माराईगुड़ा पंचायत के बिलगुड़ा पारा में 15 दिनों में 6 लोगों की रहस्यमयी मौत

ग्राम देवी देवता के रुष्ट हो जाने का पूजा अर्चना का दौर

सुकमा। जिले के कोंटा ब्लॉक में स्थित माराईगुड़ा राजस्व ग्राम पंचायत के बिलगुड़ा पारा में 15 दिनों के भीतर अज्ञात बीमारी से 6 लोगों की मौत हो गई है। हैरानी वाली बात ये है कि एक तरफ लोक सुराज कार्यक्रम चल रहा था और उसी अवधि में इस गांव में मौते हो रही थीं लेकिन आज तक ये मामला शासन प्रशासन की जानकारी से बाहर रहा है। गांववाले इन मौतों को देवी देवता के रुष्ट हो जाने का प्रतिफल मान रहे हैं और पूजा पाठ में जुटे हुए हैं।

हालाँकि 15 दिन पहले जब गांव की 9 वर्षीय बालिका काढ़ती एकी की मौत हुई तब गांव वालों ने मदद के लिए संजीवनी 108 को कॉल किया था लेकिन उन्हें बताया गया कि एम्बुलेंस खराब है। इसके बाद मौतों का सिलसिला जारी रहा और 23 मार्च तक गांव की 4 महिलाओं 1 बालिका और एक पुरुष की मौत हो गई। मृतकों की उम्र 9 वर्ष से 48 वर्ष के बीच है।

पुजारी ने बताया-देवता हैं रुष्ट इसलिए मौतें : ग्रामीणों को गांव के पुजारी ने बताया है की ये मौते देवता के रुष्ट हो जाने के चलते हो रही हैं। गांव पूजा पाठ में जुटा हुआ है। मौत के भय के चलते कई परिवार तेलंगाना पलायन कर गए हैं। जिन ग्रामीणों की मौते हुई हैं उनमें कुरम लच्छा की मौत काम करते करते जबकि काडती ऐंकी रात को सोने के बाद चल बसी। वहीं कुंजाम बुच्ची और कुंजाम रामे की मौत नहाते वक्त हुई तो सोडी बाजारी की खाना खाते सांस रुक गई।

महुआ बीनते वक्त कुर्रम चिनक्का की मौत होने से ग्रामीणो में देवता के रुष्ट होने की बात मन में भर गई है। ग्रामीणों के अनुसार इन सभी की मौतें अचानक हुईं। काम करते करते बेहोशी छाई और थोड़ी ही देर में मौत हो गयी।

बीएमओ ने माना नहीं है मौतों की जानकारी : बता दें कि सुकमा जिले से 50 किलोमीटर की दूर राष्ट्रीय राजमार्ग 221 से 10 किलोमीटर अंदर पर राजस्व ग्राम पंचायत माराईगुड़ा स्थित है। यहां की जनसंख्या 700 के करीब है। इधर इस घटना की जानकारी शासन प्रशासन को अब तक नहीं है। कोंटा बीएमओ प्रदीप वैद्य का कहना है कि गांव एर्राबोर उपस्वस्थ्य केंद्र के अंर्तगत आता है। यहाँ एक एएनएम और एक आरएचओ की पदस्थापना की गई है लेकिन क्योंकि उन्हें शासकीय कार्य से जिला मुख्यालय भेजा गया था जिसके चलते वे उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं दे पाए हैं। उन्होंने स्वीकार किया की इस घटना की जानकारी नहीं है। फिलहाल अनहोनी की आशंका से लोग डरे सहमे हुए हैं। छोटे छोटे बच्चों की जान की फिक्र ग्रामीणों को सताए जा रही है।

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