मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कौशल विकास कार्यक्रमों की समीक्षा

रायपुर : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज मंगलवार को मंत्रालय में प्रदेश में कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा विभाग की बैठक में युवाओं के कौशल उन्नयन कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को खेती और उससे संबंधित पशुपालन, उद्यानिकी, मछलीपालन जैसे क्षेत्रों में युवाओं के कौशल विकास के लिये प्रशिक्षण देने के निर्देश दिये। उन्होंने उद्यानिकी एवं फूलों की खेती के लिये उपयुक्त जलवायु और मिट्टी को ध्यान में रखते हुए सरगुजा, जशपुर एवं बलरामपुर में कृषि एवं उद्यानिकी से संबंधित कौशल विकास के लिये पाठ्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिये। उन्होने लाईवलीहुड कॉलेजों में स्पोकन इंग्लिश और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी का कोर्स संचालित करने की जरूरत पर जोर दिया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय भी बैठक में उपस्थित थे।
बैठक में बताया गया कि विशेष पिछड़ी जनजाति के 2056 लोगों को वित्तीय वर्ष 2016-17 में और 1043 लोगों को वित्तीय वर्ष 2016-17 में कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया गया। प्रदेश के पांच केंद्रीय जेलों और 16 जिला जेल में 2368 कैदियों को वित्तीय वर्ष 2016-17 में एवं 1048 कैदियों को वित्तीय वर्ष 2017-18 मेे निर्माण कार्य एवं कपड़ा सिलाई का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। कौशल विकास योजना के अंतर्गत पिछले दो वर्षों में 1781 बेसहारा महिलाओं को कपड़ा सिलाई, ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण दिया गया है। तृतीय लिंग समुदाय के 71 लोगों को भी ब्यूटी पार्लर एवं अन्य व्यवसाय का प्रशिक्षण दिया गया है। इसी तरह नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के 457 आत्म समर्पित नक्सलियों को ऑटोमोटिव एवं निर्माण कार्य का प्रशिक्षण दिया गया है।
अधिकारियों ने बैठक में बताया कि राज्य में कौशल विकास के लिये विशेष कदम भी उठाए गए हैं। प्रदेश में पिछले दो सालों में 15 हजार 278 लोगों को कार्य स्थल पर ही प्रशिक्षण दिया गया है। प्रदेश के 15 जिलों के 2134 युवाओं को सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग एवं टेक्नॉलाजी, (सीपेट) में आवासीय प्रशिक्षण दिया गया है। वर्ष 2016-17 में प्रदेश के लाईवलीहुड कॉलेजों में वर्ष 13 हजार 075 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 3416 को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। लाईवलीहुड काल्ेाजों में सुरक्षा गॉर्ड, सूचना संचार प्रौद्योगिकी, मोटर-कार मरम्मत, बिजली रिपेयरिंग का प्रशिक्षण दिया गया है। केंद्र प्रवर्तित प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत 18 हजार लोगों को प्रशिक्षित करने के लिये 13 करोड़ रुपये केंद्र शासन से मिल चुका है।
प्रदेश में इस साल भी जून माह के अंत एवं जुलाई माह के प्रारंभ में वीटीपी स्तर, विकासखंड, जिला, संभाग एवं राज्य स्तर पर स्किल ओलंपियाड का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश स्तर पर छत्तीसगढ़ स्किल ओलंपियाड का आयोजन आगामी 14 और 15 जुलाई को होगा। बैठक में बताया गया कि राज्य में सेनाओं में भर्ती के लिये युवाओं को प्रोत्साहित किये जाने सेे वर्ष 2015-16 में 589 युवाओं एवं वर्ष 2016-17 में 305 युवाओं का थल सेना में चयन हुआ है। इसी तरह वर्ष 2016-17 में वायु सेना में 202 युवाओं का चयन हुआ है। बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ब्याज अनुदान योजना के अंतर्गत वित्त वर्ष 2016-17 में 770 युवाओं को एक करोड़ 67 लाख रुपये का ब्याज अनुदान दिया गया है। मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ब्याज अनुदान योजना के अंतर्गत अधिकतम 2 लाख रुपये वार्षिक आय वाले परिवारों के बच्चों को मान्यता प्राप्त उच्च शिक्षण संस्थाओं में अध्ययन के लिये ब्याज अनुदान दिया जाता है। बैठक में बताया गया कि राज्य में आईटीआई की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2003 में मात्र 62 आईटीआई थे आज वह बढ़कर 172 हो गया है। प्रदेश में केवल महिलाओं के लिये 9 आईटीआई दुर्ग, भिलाई, रायपुर, कोनी, बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, अंबिकापुर, नारायणपुर और कांकेर में संचालित है। बैठक में मुख्य सचिव विवेक ढांड, प्रमुख सचिव सूचना प्रौद्योगिकी अमन कुमार सिंह, प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा रेणु पिल्ले, लोक निर्माण विभाग के सचिव सुबोध कुमार सिंह, एन.आर.डी.ए. के मुख्य कार्यपालन अधिकाारी मुकेश बंसल भी उपस्थित थे।

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