मोबाइल टावर्स के नाम पर वसूली असंवैधानिक : कांग्रेस

रायपुर: मोबाइल टावर्स के नाम से 600 करोड़ रुपए पंचायतों से लिया जा रहा है, निश्चित ही यह पैसा पंचायतों को राज्य के कोष से आता है। बिना सरपंच और सचिव के हस्ताक्षर के निकालना ये संविधान के विपरीत है।

पंचायतों के अधिकार में अतिक्रमण है और तीसरी बात यह है कि, कोई भी टावर लगाने की निश्चित राशि ली जाती है, लेकिन पंचायतों से अलग-अलग राशि ली जा रही है। ये बातें कांग्रेस भवन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहीl 

भूपेश ने कहा कि, किसी पंचायत में अधिक जनसंख्या होती है और किसी पंचायत में कम जनसंख्या होती है। अधिक जनसंख्या वाले पंचायत से राशि अधिक आती है और कम जनसंख्या वाले पंचायत से कम राशि आती है।

किसी पंचायत में यदि 10 लाख रुपए आ रहा है तो उसका 7 लाख रुपए चला जाएगा, तो किसी में 5 लाख है तो उसमें साढ़े तीन लाख चला जाएगा। यदि किसी पंचायत में 2 लाख आए तो 1 लाख 40 हजार चला जाएगा। लेकिन टावर लगाने की लागत तो प्रति पंचायत एक ही है, लेकिन विभिन्न पंचायतों से अलग-अलग दर पर लिया जा रहा है।

यह घोर आपत्तिजनक और अवैधानिक है। सरकार अपने चहेती कंपनी को लाभान्वित करने के लिए यह असंवैधानिक कृत्य कर रही है। इस पूर्ण रूप से असंवैधानिक कृत्य का हम विरोध करते हैं। सरकार ने इस फैसले से ग्रामीण इलाकों में और पंचायतों में जबर्दस्त आक्रोश है।

आम जनता में भी और सरपंचों में भी। यह राशि का आहरण सीधा-सीधा संविधान का उल्लंघन है। कांग्रेस इसे विधानसभा में उठाएगी। कांग्रेस के विधायक इसे विधायक दल की बैठक में रखेंगे और सदन में भी उठाएंगे।

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