‘आप’ के ‘ज्ञापन दो, जेल जाओ’ हस्ताक्षर अभियान को मिला हजारों का समर्थन

रमन सरकार के इशारे पर हुए अन्याय के खिलाफ खुला मोर्चा

छत्तीसगढ़ ‘आप’ (आम आदमी पार्टी) के राजनीतिक विरोध को आपराधिक गतिविधि का रूप देने पर रायपुर के लोग अपनी आवाज उठाने के लिए बड़ी संख्या में ‘आप’ के साथ खड़े हो रहे हैं।

‘आप’ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संकेत ठाकुर और 13 अन्य पदाधिकारियों को पुलिस ने राज्य सरकार के इशारे पर 14 जून को पहले भारतीय दंड संहिता की धारा 151 के तहत रायपुर सेंट्रल जेल भेजा और गिरफ्तारी के एक दिन बाद उनके खिलाफ गैर—जमानती धाराएं 147, 186, 332, 353, 419 भी थोंप दी गईं।

इस अविवेकपूर्ण और दमन की भावना से प्रेरित कार्रवाई के विरोध में पार्टी ने पूरे छत्तीसगढ़ में हस्ताक्षर अभियान छेड़ा है। इस ​अभियान के पहले दिन शुक्रवार को रायपुर के 1000 से अधिक लोगों ने इसके ‘ज्ञापन दो, जेल जाओ’ पत्र पर हस्ताक्षर किए।

छत्तीसगढ़ में ‘आप’ के चुनाव प्रबंधन प्रभारी राकेश सिन्हा 25 जून को ‘आप’ के वरिष्ठ पदाधिकारियों से जेल में मुलाकात करेंगे।

गौरतलब है कि जिन लोगों को पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रायपुर आगमन पर ज्ञापन सौंपने के प्रयास में गिरफ्तार किया है, उनमें से सात पदाधिकारी ऐसे हैं, जिन्हें पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपना प्रत्या​शी घोषित किया है। छत्तीसगढ़ ‘आप’ प्रवक्ता उचित शर्मा ने दावा​ किया कि छत्तीसगढ़ में पार्टी के बढ़ते जनादेश से घबराई सरकार इसे राजनीतिक रूप से पंगु करने की कोशिश कर रही है।

चूंकि सभी प्रत्याशी अपने—अपने क्षेत्रों में सामाजिक रूप से अत्यधिक सक्रिय और लोकप्रिय हैं, सो इन्हें चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लेने से रोकने की साजिश उच्च स्तर पर रची गई है। स्वाभाविक है कि इससे आम लोगों में काफी रोष भी देखने को मिल रहा है।

इन प्रत्याशियों से हुए अन्याय का विरोध किया जा रहा है। इस विरोध की आवाज राजधानी रायपुर तक भी पहुंचने लगी है। अगर राज्य सरकार जनता की यह आवाज अनसुनी करने या इसे दबाने की कोशिश करती है तो ‘आप’ अदालत से लेकर सड़कों तक अपनी लड़ाई जारी रखेगी।

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