छत्तीसगढ़

राज्य वित्त आयोग के साथ महापौर-पार्षदों ने किया विचार-विमर्श

रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष ने रायपुर नगर निगम के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में शहर में नागरिक सुविधाओं के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर महापौर प्रमोद दुबे और पार्षदों के साथ विचार-विमर्श किया। बैठक में महापौर तथा पार्षदों ने आयोग को अनेक सुझाव भी दिए।

अध्यक्ष चंद्रशेखर साहू ने कहा कि, रायपुर नगर निगम का अपना गौरवशाली इतिहास रहा है। यह छत्तीसगढ़ और अविभाजित मध्यप्रदेश के सर्वाधिक पुराने नगरीय निकायों में से है। केन्द्र सरकार ने रायपुर शहर को भी स्मार्ट सिटी परियोजना में शामिल किया है। इसे ध्यान में रखकर स्मार्ट सिटी के अनुरूप नागरिक सुविधाओं के विकास के लिए मिलकर काम करना हम सबकी जिम्मेदारी है।

साहू की अध्यक्षता में राज्य वित्त आयोग की इस बैठक में नगर निगम के स्वयं के संसाधनों की वर्तमान स्थिति, उनमें वृद्धि की संभावना, शहर में बिजली, पानी, स्वच्छता, ठोस कचरा प्रबंधन, आवास और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं की वर्तमान बेंचमार्क की स्थिति, निगम के लेखा परीक्षण की स्थिति, 14वें वित्त आयोग की अनुदान राशि के आवंटन और व्यय सहित कई विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके अलावा केन्द्रीय सहायता प्राप्त अमृत मिशन, स्मार्ट सिटी तथा राज्य सरकार की मिशन क्लीन सिटी के तहत कार्यों की प्रगति और भविष्य की योजना को लेकर भी विचार-मंथन हुआ।

बैठक में देश में लागू जीएसटी कानून के परिप्रेक्ष्य में नगर निगम के वित्तीय संसाधनों को लेकर भी बातचीत हुई। साहू ने शहरी अधोसंरचना और सार्वजनिक सेवाओं के क्षेत्र में लोक-निजी सहभागिता (पीपीपी) मॉडल की ताजा स्थिति और भविष्य की संभावनाओं पर भी शहरी जनप्रतिनिधियों से विचार-विमर्श किया। आयोग के अध्यक्ष साहू ने कहा-रायपुर शहर में लगभग हर रोज कोई न कोई सार्वजनिक आयोजन होता रहता है। ऐसे कार्यक्रमों के आयोजकों पर निगम द्वारा इवेंट टैक्स लगाया जा सकता है। नगर निगम के पार्षदों ने आयोग को गरीब सेवा निधि तथा शासकीय अनुदान की राशि सीधे निगम के खाते में हस्तांतरित करने का सुझाव दिया। इसके साथ ही बैठक में नगर निगम क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए जमीन की उपलब्धता बनाए रखने के उद्देश्य से भूमि बैंक की स्थापना और निगम क्षेत्र में मकानों के नियमितिकरण से मिलने वाली राशि में निगम की अधिकारिता के विषय पर भी चर्चा की गई। बैठक में आयोग के सदस्य नरेशचंद्र गुप्ता, नगर निगम के सभापति प्रफुल्ल विश्वकर्मा, आयोग के सचिव भरत अग्रवाल और निगम के अनेक पार्षद तथा संबंधित जोन अध्यक्ष और जोन आयुक्त भी उपस्थित थे।

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