विकास के नाम पर पर्यावरण से किया जा रहा खिलवाड़ : कांग्रेस

सड़क किनारे पाटा जा रहा तालाब और काटे जा रहे हजारों पेड़

रायपुर : विकास कार्य के नाम पर पूरे प्रदेश में हजारों पेड़ों को काटने और उसके एवज में दस गुना पेड़ लगाने के खोखले दावे पर नाराजगी व्यक्त करते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मो. असलम ने कहा कि इन दिनों रायपुर से धमतरी होते हुए जगदलपुर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 के फोरलेन के निर्माण का कार्य चल रहा है।

इस निर्माण कार्य में केवल केंद्री से लेकर धमतरी के श्यामतराई तक 72 किलोमीटर फोरलेन निर्माण के लिए 1100 करोड़ का टेंडर हुआ है। इस सड़क के चौड़ीकरण की चपेट में वर्षों पुराने हजारों पेड़ आ रहे हैं। लगभग साढ़े छः हजार पेड़ों को काटने की अनुमति जिला प्रशासन द्वारा दिये जाने की खबर है साथ ही सड़क किनारे कई तालाबों को भी मार्ग की जद में आने के कारण पाटा जा रहा है जिसकी कोई अनुमति नहीं ली गई है। बेदर्दी से तालाबों को पाटने और पेड़ों को काटने से बचने का उपाय ढूंढा जा सकता था, पर इस दिशा में सरकार एवं विभाग द्वारा कोई पहल नहीं की गई और विकास के नाम पर केवल जल्दबाजी में तालाबों और पेड़ों को तत्परता से नष्ट किया जा रहा है। हालाकि पेड़ों के काटे जाने के एवज में दस गुना पेड़ लाये जाने और नये तालाबों के निर्माण की बात की जा रही है पर क्या इस विनाश का प्रभाव वर्तमान में पर्यावरण पर नहीं पड़ेगा? क्या निस्तारी तालाबों को पाटे जाने से गांव में तकलीफ नहीं बढं़ेगी? सरकार की लापरवाही ने ग्रामीणों के निस्तार की समस्याएं बढ़ायी है जिसकी शीघ्र आर्पूति किए जाने की जरूरत है।

कांग्रेस ने कहा है कि सड़कों के निर्माण, खदानों की नीलामी सहित अनेक विकास कार्य के नाम पर हजारों पेड़ काटे जा रहे हैं पर इसकी क्षतिपूर्ति की एवज में कहीं पेड़ लगाने का कार्य नहीं दिखाई दे रहा है। क्षतिपूर्ति की भरपाई के लिए मिलने वाले मद का दुरुपयोग एवं बंदरबांट हो रहा है यही वजह है कि राज्य में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है और उसके दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं।

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