विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों का रोजगार की तलाश में पलायन करना और बंधक बनना सरकार की नाकामियों का स्पष्ट प्रमाण: कांग्रेस

विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों का रोजगार की तलाश में पलायन करना और बंधक बनना सरकार की नाकामियों का स्पष्ट प्रमाण: कांग्रेस

रायपुर । छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मो. असलम ने विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और बिरहोर जनजाति के लोगों को महाराष्ट्र में दलालों द्वारा मजदूरी करने के नाम पर ले जाकर बंधक बनाने और उन्हें प्रताड़ित करने की खबर को बेहद गंभीर बताया है और इसे सरकार की विलुप्त हो रही जनजातियों की जानमाल की सुरक्षा, देखभाल सहित रोजगार एवं शासन की योजनाओं का समुचित लाभ नहीं दिला पाने में विफल होने और विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन के साथ हो रहे खिलवाड़ में शासन द्वारा गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। जहां एक ओर सरकार बड़े-बड़े वादों का ढिंढोरा पीट रही है और उनके प्रगति और उत्थान की बातें करती है वहीं जनजातियों का पलायन करना एवं बंधक बनाया जाना सरकार की वास्तविकता एवं खोखले दावों को उजागर करती है। आदिवासी योजनाओं के नाम पर केवल भ्रष्टाचार एवं कमीशनखोरी की जा रही है।

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मो. असलम ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में 31 प्रतिशत जनसंख्या आदिवासियों की है, जहां 42 अनुसूचित जनजातियां पाई जाती हैं जिनमें सात जनजाति पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, भुंजिया, अबूझमाडिया, बैगा, कमार एवं पंडो विशेष पिछड़ी जनजाति हैं। जिनकी संख्या दिनोदिन कम हो रही है और जनजाति विलुप्त हो रही है, यही वजह है कि महामहिम राष्ट्रपति एवं राज्यपाल का सचिवालय इनके संरक्षण की चिंता करती है। पहाड़ी कोरवा और बिरहोर जनजाति के लोग ठेकेदारों के दलाल के झांसे में आकर राज्य से बाहर कैसे चले गये यह जांच का विषय है? क्योंकि इस जनजाति के लोग पहाड़ से उतर कर मैदानी इलाकों में रहने, काम करने एवं जीवन बसर करने से कतराते हैं।

सरकार आदिवासियों के संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर पूरी तरह संवेदनहीन हो गयी है। इससे यही लगता है कि शासन की योजना का उचित क्रियान्वयन नहीं हो रहा है उनके दैनिक जीवन की जरूरतों की पूर्ति नहीं हो रही जिससे मजबूर होकर उन्हें अन्य राज्यों में पलायन कर बंधक बनना एवं शोषण का शिकार होना पड़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में सूखे के हालात हैं। रोजगार का सर्वथा अभाव है। फलस्वरूप दूरस्थ ग्रामीण एवं वनांचलों में रहने वालों के पलायन को रोक पाने में सरकारी तंत्र पूर्णतः असफल है। इस पर कांग्रेस ने चिंता व्यक्त की है और इसके लिए शासन को जिम्मेदार ठहराया है।

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