शहर कैसे बनेगा स्मार्ट आज विदेशी कंपनियां बताएंगी

नईम खान :

बिलासपुर : स्मार्ट सिटी के लिए दावेदारी कर रही चार विदेशी कंपनियों ने दो ग्रुप बना लिया है। इनका सोमवार को विकास भवन के दृष्टि सभाकक्ष में प्रेजेंटेशन होगा।

इस दौरान कंपनियां बताएंगी कि शहर को स्मार्ट बनाने के लिए उनके पास क्या प्लान है। इसी आधार पर कंसलटेंट चयन किया जाएगा। स्मार्ट सिटी का काम शुरू करने के लिहाज से इसे बहुत अहम माना जा रहा है।

केंद्र सरकार के प्रस्तावित स्मार्ट शहर की लिस्ट में शहर का भी नाम है। इसके लिए बकायदा अलग कंपनी बना ली गई है और केंद्र से फंड भी आ चुका है। इसके बाद भी स्मार्ट सिटी के तहत एक भी काम नहीं हुआ।

इसके पीछे मुख्य वजह कंसलटेंट की नियुक्ति नहीं हो पाना है। राज्य स्तर पर कंसलटेंट नियुक्त करने के नाम पर पिछले छह माह से केवल कागजी कार्रवाई ही चल रही है। पहली बार दो बड़े ग्रुप सामने आए हैं जो टेंडर नियम शर्त पर खरे उतर रहे हैं।

इन्हीं में से किसी एक का चयन होने की संभावना है। पहले कंपनियां निगम अधिकारियों के सामने अपनी कार्ययोजना प्रस्तुत करेंगे। जिस भी ग्रुप का काम अच्छा लगेगा उसे कंसलटेंट नियुक्त करने प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।

यही कारण है कि शहर के लिहाज से इस बैठक को बहुत अहम माना जा रहा है। निगम के अधिकारी भी कंसलटेंट के द्वारा भरे गए टेंडर का अध्ययन करने में लगे हैं।

इनकी है दावेदारी

पहला ग्रुप. पीडब्ल्यूसी और ट्रैक्टेबल
दूसरा ग्रुप. डिलाइट और एकॉम
नियुक्ति के बाद शुरू होगा काम

नगर निगम को स्मार्ट सिटी योजना के तहत 34 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। इसके अलावा शासन फिर 36 करोड़ रुपये देने की सहमति दी है। इस तरह प्रोजेक्ट में 70 करोड़ रुपये शहर को मिलने वाले हैं।

कंसलटेंट नियुक्ति के बाद ही काम शुरू हो पाएगा। असल में कंसलटेंट की प्लानिंग के अनुसार ही शहर का विकास होना है।

सोमवार को कंसलटेंट के दोनों ग्रुप को अपना प्रेजेंटेशन देने के लिए बुलाया गया है। उनकी प्लानिंग समझने के बाद किसी एक का चयन कर उसका नामशासन को भेजेंगे। कोशिश है कि जल्द कंसलटेंट नियुक्त कर स्मार्ट सिटी का काम शुरू किया जाए।

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