श्रीलंका से खेलने की बजाय धर्मशाला में प्रैक्टिस करती टीम इंडिया : भज्जी

श्रीलंका से खेलने की बजाय धर्मशाला में प्रैक्टिस करती टीम इंडिया : भज्जी

कोलकाता : वरिष्ठ ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह का मानना है कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कड़े दौरे से पहले भारतीय टीम को श्रीलंका के खिलाफ घरेलू श्रृंखला खेलकर बहुत कम फायदा हुआ। भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले ही टेस्ट श्रृंखला गंवा चुकी है और टीम पर क्लीन स्वीप का खतरा मंडरा रहा है।
हरभजन से जब दक्षिण अफ्रीका दौरे के मद्देनजर टीम की तैयारियों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘‘देखिए मुझे लगता है श्रीलंका के खिलाफ घरेलू श्रृंखला से हमें बहुत कम फायदा हुआ। हमें शायद ही उससे कुछ मिला। इससे अच्छा यह होता कि कुछ भारतीय खिलाड़ी पहले ही दक्षिण अफ्रीका चले जाते। अगर दक्षिण अफ्रीका नहीं तो तैयारियों के लिए धर्मशाला भी उपयुक्त जगह है।’’ सैयद मुश्ताक अली टी-20 टूर्नामेंट दौरान भज्जी ने कहा, ‘‘दक्षिण अफ्रीका के मुश्किल दौरे से पहले धर्मशाला की ऊंचाई और ठंडे मौसम के साथ वहां तेजी और उछाल के बीच तैयारी करना अनुकूल होता।’’
भज्जी से पहले भारतीय टीम के पूर्व स्पिनर बिशन सिंह बेदी ने बीसीसीआई की आलोचना करते हुए कहा था कि दक्षिण अफ्रीका जैसे कठिन दौरे से पहले श्रीलंका जैसी कमजोर टीम से भारत का सीरीज खेलना, सही कदम नहीं था।

भज्जी ने कोहली का बचाव भी किया : टेस्ट टीम में अजिंक्य रहाणे को जगह नहीं मिलने पर उठ रहे सवालों पर हरभजन ने कहा कि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि अगर रहाणे खेलते तो नतीजा कुछ और होता। टर्बनेटर के नाम से मशहूर इस गेंदबाज ने कहा, ‘‘ मैं कुछ आंकड़े देख रहा था। विराट कोहली की कप्तानी में अजिंक्य (रहाणे) की औसत 30 टेस्ट मैच में 40 से कम की है। इसके साथ ही पिछले एक साल से उन्होंने बहुत ज्यादा रन नहीं बनाए है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर रहाणे खेलते और भारतीय टीम 0-2 से पीछे होती तो हम कहते की रोहित को टीम में ले आओ। हमें कप्तान के दृष्टिकोण को समझना होगा।’’

भुवनेश्वर को टीम में होना ही चाहिए था : हरभजन ने कहा कि रहाणे के टीम में रहने, ना रहने पर अलग अलग राय हो सकती है लेकिन भुवनेश्वर को टीम में होना चाहिए था। उन्होंने कहा, ‘‘आज के दौर में भुवनेश्वर इशांत की तुलना में बड़े मैच विजेता है। भुवी ने जब भी अच्छा प्रदर्शन किया, भारतीय टीम ने भी अच्छा किया है। मुझे अब भी उम्मीद नहीं है कि सबकुछ खत्म नहीं हुआ है। जोहानिसबर्ग में हम वापसी कर श्रृंखला को 2-1 कर सकते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ टीम को मेरी सलाह सकारात्मक रहने की होगी। अब हमारे पास खोने के लिये कुछ नहीं और सबकुछ पाने के लिये है। इसलिये मुझे लगता है उन्हें जीत के लिये जाना चाहिए।’’

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