छत्तीसगढ़

सीमेंट ईट निर्माण व्यवसाय से समृद्ध हुआ जितेन्द्र

सीमेंट ईट निर्माण व्यवसाय से समृद्ध हुआ जितेन्द्

बीजापुर । शिक्षित होकर बेरोजगारी का दंश झेल रहे संजय पारा निवासी जितेन्द्र गोरला के जीवन मे उस वक्त नया मोड़ आया जब उसे नौकरी के लिए दर-दर भटकने के बाद प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम का साथ मिला।

इस योजना से बैंक के माध्यम से 10 लाख का लोन पाकर जितेन्द्र सीमेेंट ईट निर्माण में अपनी पहचान बनाकर हजारों रूपयों की आमदनी प्राप्त कर रहा है। जितेन्द्र की जिंदगी में यह बदलाव जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र बीजापुर के मार्गदर्शन से आया है।

जिला मुख्यालय से लगे संजयपारा के निवासी जितेन्द्र गोरला हायर सेकेण्डरी की पढ़ाई करने के बाद कई सालों से नौकरी की तलाश में दर-दर भटक रहा था। कई विभागों में शासकीय नौकरी के लिए चक्कर लगाने के बावजूद असफलता हाथ लगने पर जितेन्द्र ने स्वयं का व्यवसाय करने की योजना बनाई।

व्यवसाय के लिए बड़ी पूंजी की व्यवस्था नहीं होने पर उसने जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र बीजापुर से संपर्क कर अपनी व्यथा सुनाई। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के अधिकारियों ने जितेन्द्र की व्यवसाय में रूचि को देखते हुए उसे प्रधानमंत्री रोजगार सृजकर कार्यक्रम योजना की जानकारी देते हुए उसे बैंक के माध्यम से शासकीय अनुदान के लाभ की पात्रता अनुसार लोन प्राप्त करने की सलाह दी।

योजना के माध्यम से व्यवसाय हेतु 2 लाख सेवा हेतु 10 लाख तथा निर्माण हेतु 25 लाख तक लोन बैंक के माध्यम से देने का प्रावधान किया गया है जिसकी जानकारी विभाग द्वारा जितेन्द्र को देकर उसे व्यवसाय के लिए प्रोत्साहित किया गया।

शुरू किया ईंट निर्माण का व्यवसाय : वर्ष 2016-17 में सीमेंट ईट निर्माण हेतु ऋण प्रकरण तैयार कर जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति की अनुशंसा से जितेन्द्र गोरला का ऋण प्रकरण भारतीय स्टेट बैंक बीजापुर को भेजा गया।

ऋण प्रकरण भेजने के पश्चात बैंक द्वारा तत्काल 35 प्रतिशत शासकीय अनुदान के साथ जितेन्द्र को 10 लाख रूपये ऋण स्वीकृत कर वितरित किया गया। ऋण की राशि पाकर जितेन्द्र ने अपने घर के समीप सीमेंट ईट निर्माण हेतु मिक्सर मशीन व अन्य निर्माण सामग्री क्रय कर ईट निर्माण का कार्य प्रारंभ किया।

ऋण लेने से पूर्व जितेन्द्र हस्त चलित सीमेंट ब्रिक्स निर्माण का कार्य प्रारंभ किया था जहां मांग ज्यादा होने के कारण वह आपूर्ति करने में सफल नहीं हो पा रहा था। जिला मुख्यालय के आस-पास सीमेंट ईट की बढ़ती मांग ने जितेन्द्र के व्यवसाय में पंख लगाने शुरू कर दिये।

अपनी मेहनत और लगन से जितेन्द्र ने मशीन के जरिए सीमेंट ईट निर्माण कार्य प्रारंभ किया और देखते ही देखते उसके कारोबार में अच्छी आमदनी होने लगी। नगर के ज्यादातर भवन निर्माता और ठेकेदार अच्छी क्वालिटी की ईट प्रदान करने के कारण जितेन्द्र से संपर्क कर ईट प्राप्त करते हैं।

बाजार में अच्छी मांग होने के कारण जितेन्द्र का ईट निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ता गया और महज 1 साल के भीतर उसने अपने कारोबार को स्थापित कर अपनी आमदनी को बढ़ाने में कामयाबी पायी। इस व्यवसाय से जितेन्द्र और उसके परिवार की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है तथा बैंक के किस्त का भुगतान उसके द्वारा नियमित रूप से हर महीने किया जा रहा है।

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