सेक्स करते समय जब आप हो जाते हैं परेशान जाने कुछ ख़ास बातें

अगर आप अपने पार्टनर को खुश नहीं कर पा रहे हैं तो ध्यान दीजिये

जब भी सेक्स की बातें सामने आती हैं हर कोई इससे अपना चेहरा छुपाने लगता हैं। इस वजह से सेक्‍स लाइफ में समस्‍या होने पर लोग मैगजीन या दोस्‍तों की गॉसिप में समाधान खोजने लगते हैं, जबकि जरूरत उन्‍हें बेहतर सेक्‍स एजुकेशन की होती है। आइए बात करते हैं सेक्‍स से संबंधित उन ख़ास बातोँ पर, जिसे जानना हर कपल्स के लिए जरूरी है।

जाने क्यों हो जाते हैं परेशान

दुनिया में ऐसे बहुत से लोग हैं जो अपनी सेक्स लाइफ को लेकर प्रतिदिन परेशान रहते हैं लेकिन वे अपनी समस्याओं की हल धुंडने के बजाय और उदास होकर उसी रवैया में रहते हैं| इतना ही नहीं अपनी समस्याओं के जवाब और हल के लिए सही व्यक्ति से संपर्क करने की बजाए वे दोस्तों से बात करते हैं, गॉसिप करते हैं और कई बार ऑनलाइन पॉर्न के चक्कर में भी फंस जाते हैं। हकीकत यही है कि ज्यादातर लोग जो सेक्सॉल्जिस्ट्स के पास जाते हैं उन्हें किसी तरह की मेडिकल दिक्कत नहीं होती, बल्कि वे गलतफहमी का शिकार होते हैं।

जब उम्र होने लगता हैं 40 का

40 या 50 साल की उम्र के लोग बेडरूम में अच्छे से परफॉर्म नहीं कर पाते जिस कारण से उनके रिलेशन के बिच खट्टापन आने लगता हैं क्योंकि उनकी बॉडी सेक्स करने को सपोर्ट ही नहीं कर पाती| वे डायबीटीज, सुगर, हाइपरटेंशन और मोटापे का शिकार हो चुके होते हैं और इस पर ध्यान भी नहीं देते हैं। आंकड़ों की मानें तो 40 साल से ऊपर के करीब 50 प्रतिशत पुरुष शिग्रपतन की समस्या से पीड़ित रहते हैं। ऐसे में जब वे परफॉर्म नहीं कर पाते तो उसे अपने आप में कमजोरी मान लेते हैं। इतना ही नहीं उनका पार्टनर उनके बारे में क्या सोचेगा और क्या कहेगा इस वजह से भी वह सेक्स करने से कतराने लगते हैं। जबकि हकीकत यह है कि कोई भी व्यक्ति 80 साल की उम्र तक सेक्स कर सकता है।
पुरुषों को यह समझना होगा कि शिग्रपतन कोई बीमारी नहीं, बल्कि बिहेवियर इशू है जिसे आसानी से सुलझाया जा सकता है।

सेक्‍स के प्रति कॉम्‍पीटिशन

न्यू एज कपल्स के बीच असुरक्षा, बेचैनी, अतिसंवेदनशीलता और अपर्याप्तता की भावनाएं बहुत ज्यादा देखने को मिलती हैं, खासतौर पर अगर कपल में से किसी एक पार्टनर का सेक्शुअल पास्ट रहा हो तो। इस तरह की असुरक्षा की भावना की वजह से महिलाएं कॉस्मेटिक सर्जरी करवाकर अपना ब्रेस्ट और बटक को आकर्षित रूप दे देती हैं, जिसे मर्दों का मन जल्दी मचल जाता हैं और जिससे कि उनके मन में सेक्स के प्रति उत्तेजना बढ़ जाती हैं| दोनों पार्टनर को समझना चाहिए कि अच्छे सेक्स का संबंध आपके शारीरिक आकार से नहीं बल्कि इमोशनल इंटिमसी और कंफर्ट से है। आपका पार्टनर आपके साथ रिलेशन में इस लिए हैं ताकि वो आपसे प्यार करता हैं आपको बेहद चाहता है। लिहाजा इन सब पर ध्यान देने से अच्छा यह है की आप अपने बेडरूम में अपनी प्रैक्टिस बढ़ाये।

इंटीमेसी की जरूरत

इस तरह की शिकायतें करने वाले कपल्स ज्यादातर 28 से 40 साल के बीच के होते हैं। ऐसी शिकायत करने वाले लोग वैसे तो शारीरिक रूप से संतुष्ट होते हैं, लेकिन उनके बीच इंटिमसी की कमी होती है। आमतौर पर यह कपल्स अपने आसपास हो रहे दुसरो के बातचीत या मैगजीन को पढ़ कर अपने आप को जज करने लगते हैं| लिहाजा अपने सेक्सलेस रिलेशनशिप की वजह क्या है इसके कारणों को सबसे पहले खोजें। अगर हेल्थ से जुड़े मुद्दे हैं तो उनका मेडिकली हल निकालें और अगर रिलेशनशिप से जुड़ा मुद्दा है तो काउंसलिंग के जरिए उसपर ध्यान देवे| कई बार एक कपल अपने काम और आम जीवन में इतना व्यस्त हो जाते हैं कि वे साथ में क्वॉलिटी टाइम नहीं बिता पाते।

सेक्‍सुअल फैंटेसी

आमतौर पर कमिटेड रिलेशनशिप में दूसरों के बारे में फैंटसाइज करना यानी सेक्स के दौरान किसी और की कल्पना करने को शक और अपराध की नजर से देखा जाता है। लोगों की ऐसी धारणा है कि दूसरों के बारे में सेक्शुअली सोचना चीटिंग कहलाता है। किसी तरफ सेक्शुअली अट्रैक्ट होना इंसान का सामान्य नेचर है। एक व्यक्ति के साथ रिश्ते में रहना हमारी चॉइस है, हमारी मजबूरी नहीं। जलन और शक की भावनाओं से खुद को चोट पहुंचाने की बजाए अपनी इच्छाओं के बारे में खुलकर पार्टनर से बात करें। साथ ही पार्टनर जो भी कहते हैं उसे पुरे मन से सुने।

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