स्वास्थ्य मंत्री ने किया पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ, कहा- जन भागीदारी से प्रदेश हुआ पोलियो मुक्त

रायपुर:स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री अजय चन्द्राकर ने आज यहां सिविल लाईन छत्तीसगढ़ क्लब के पोलियो बूथ में शून्य से पांच वर्ष आयु के नैनिहालों को पोलियों की खुराक पिलाकर पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया।

राष्ट्रीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान के तहत इस वर्ष का यह प्रथम चरण है। श्री चन्द्राकर ने कहा कि जन भागीदाी और व्यापक प्रचार-प्रसार के कारण ही देश के साथ-साथ प्रदेश भी पोलियो मुक्त बन पाया है। लेकिन पड़ोसी देश अफ़गानिस्तान और पाकिस्तान में अभी भी पल्स पोलियो की शिकायत मिल रही है।

उन्होंने कहा कि कोई बच्चे पोलियो से ग्रसित न हो इसलिए ऐहीतियातन के तौर पर सावधानी बरतते हुए पोलियो की दवा पिलायी जा रही है। सफलता में स्थायित्व बना रहे इसका भी ध्यान रखा जा रहा है। श्री चन्द्राकर ने कहा कि फिलहाल आगामी दो वर्षों तक पल्स पोलियो जारी रहेगा। फिर आगे की रननीति तय की जाएगी। अभियान का दूसरा चरण 11 मार्च को आयोजित किया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बतंाया कि पल्स पोलियो टीकाकरण प्रथम चरण के अभियान के लिए प्रदेश भर में 14 हजार 408 टीकाकरण केन्द्र (बूथ) बनाए गए थे, जहां लगभग 36 लाख बच्चों को पोलियो खुराक देने का लक्ष्य था। अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार 85 प्रतिशत बच्चों को पल्स पोलियो की दवा पिलाई गयी। टीकाकरण अभियान के लिए विभिन्न विभागों के 28 हजार 816 टीमों का गठन किया गया था।

प्रत्येक टीम में स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों के तीन-चार मैदानी कर्मचारियों को भी शामिल किया गया। इस अभियान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिनों की भी सेवाएं ली गई। 28 जनवरी 2018 कोे टीकाकरण केन्द्रों में दवा पिलाने के बाद 29-30 जनवरी 2018 को स्वास्थ्य कार्यकर्ता छूटे हुए बच्चों को घर-घर जाकर दवा पिलायेंगे।

इस अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए निजी अस्पताल व नर्सिंग होम की मदद भी ली गई। अभियान के तहत जिले के पहुंच विहीन दूरस्थ क्षेत्रों, झुग्गी झोपड़ी, मलीन बस्ती, ईट भट्ठा, अस्थाई बसाहटों आदि क्षेत्रों के बच्चों को भी दवा पिलायी गई। इसके साथ ही चलित जनसंख्या के हितग्राही बच्चों को बस स्टैंड व रेल्वे स्टेषन आदि स्थानों पर ट्रांजिट दलों के माध्यम से पोलियो की दवा दी गई।

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