हस्तमैथुन करने के फायदे और नुकसान, रोजाना करने वाले इसे जरुर पढ़े

हस्तमैथुन एक ऐसी बीमारी हैं जिससे आप बच नहीं सकते

हस्तमैथुन एक ऐसी बीमारी हैं जिससे आप बच नहीं सकते इसमें पुरुषों में निर्मित और महिलाओं में लजाता हुआ एक अभ्यास है। दुनिया में हर किसी ने अपने जीवन में कभी न कभी इसे किया ही हैं, कई लोग इसे बताने से कतराते हैं और कई लोग बिंदास होकर बोल देते हैं। हस्तनमैथुन से जुडी कुछ बातें हैं जिनसे आप अपना मुह नहीं मोड़ सकते। वैसे एक्सपर्ट की माने तो हस्तसमैथुन करने से कोई नुकसान नहीं हैं, लेकिन अगर कोई व्यक्ति इसे गलत तरीके से करें या रोजाना करें तो इसके परिणाम गलत हो सकते हैं। जरा गौर फरमाइयेगा आज हम आपको बताने जा रहे हैं हस्तमैथुन के कुछ विषय में…

हस्तवमैथुन करने के फायदे

स्खलन के माध्यम से राहत, मज़ा और खुशी के लिए क्लाइमेक्स, अच्छीै नींद में सहायक, तनाव कम करने और रिलेक्स करने में मददगार आदि हस्तमैथुन के सकारात्मक पक्ष प्रभाव से आप भी सहमत होंगे। साथ ही हस्त मै‍थुन करते समय घावों से बचने और वापस सामान्य स्थिति में आने में मदद करने के लिए जननांगों पर सौम्य होना बहुत जरूरी होता है।

हस्तमैथुन करने के साइड इफेक्ट

बार बार हस्तमैथुन करने से लिंग की मासपेशियों में वीर्य के पहले निकलने वाला द्रव मांसपेशियों में चला जाता है, जिसके कारण लिंग में सूजन आ जाती है। यह सूजन तब तक रहती है, जब तक वो द्रव वापस रक्त में नहीं चला जाता। साथ ही हस्तीमैथुन के दौरान जारी प्राथमिक द्रव में प्रोटीन होता है जो कई चयापचय गतिविधियों और सेल संरचनाओं के लिए आवश्यक होता हैं। प्रोटीन हमारे शरीर की बिल्डिंग ब्लॉक है। स्खलन अक्सर आपको दुबला बनाता हैं और मांसपेशियों के निर्माण के लिए चयापचय का ध्यान खींचता है।

लिंग में मांसपेशियों का टूटना

मैथुन करते समय अपने लिंग को कस कर दबाने या मोड़ने का प्रयास हानिकारक हो सकता है इससे ‘पायरोनी’ नाम की बीमारी हो सकती है। यही नही पेनाइल फ्रेक्च र भी हो सकता है यानी आपके लिंग की मांसपेशियां टूट सकती हैं। पायरोनी होने पर लिंग टेढ़ा हो जाता है मांसपेशियों में तनाव होने की स्थिति में आप उसके टेढ़ेपन को आसानी से देख सकते हैं।

शुक्राणु की संख्या् पर असर और संतुष्टीो की कमी

नियमित रूप से कई बार हस्तअमैथुन करने से पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्याश कम होने लगती है। इसका असर उनकी पिता बनने की क्षमता पर भी पड़ता है। इसके अलावा नियमित रूप से हस्तइमैथुन करने से आपको संतुष्टर होने में अधिक समय लगता है। इसके साथ ही आपका वीर्य स्खतलित होने का समय भी बढ़ जाता है। इसके अलावा हस्त मैथुन की आदत इरेक्टाइल डिसफंक्शन रोग का मुख्यक कारण होती है।

मनोवैज्ञानिक प्रभाव

हस्तमैथुन घबराहट और न्यूरोलॉजिकल समस्याएं पैदा करता है। हस्तमैथुन आपके मन और आत्मा में तनाव और दबाव का कारण बनता है। इसके अलावा हस्तमैथुन आपको मनोवैज्ञानिक तौर पर प्रभावित करता है। यह स्खलन के बाद अवसाद पैदा करता है और व्यमक्ति खुद को बुरा महसूस लगता है।

अवैध संपर्कों की खोज और पार्टनर से तकरार

हस्त मैथुन आपको अवैध संपर्कों की ओर ले जाता है क्यों कि इसकी उत्तेजना दिन ब दिन बढ़ती जाती है और अंत में यौन सुख के लिए आप अन्यह स्रोतों को ढूढ़ने लगते हैं। हस्तमैथुन संभोग के दौरान तेजी से शुक्राणु के रिलीज होने का मुख्य कारण है। इससे आपके और आपकी पत्नी के बीच असंतोष पैदा हो सकता है।

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