शीतकालीन सत्र के दौरान हेल्थ पर खर्च हुआ देश की GDP का 1.5 फीसदी

शीतकालीन सत्र के दौरान स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने पिछले तीन वर्षों में स्वास्थ्य पर खर्च का ब्यौरा पेश करते हुए ये जानकारी दी

शीतकालीन सत्र के दौरान हेल्थ पर खर्च हुआ देश की GDP का 1.5 फीसदी

केंद्र सरकार ने कहा है कि स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र पर पिछले तीन वर्षों में देश की कुल जीडीपी की 1.2 फीसदी से लेकर 1.5 फीसदी तक की राशि खर्च की गई.

लोकसभा में राजू शेट्टी, हरिओम राठौड़ तथा कुछ अन्य सदस्यों के प्रश्न के लिखित उत्तर में स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने पिछले तीन वर्षों में स्वास्थ्य पर खर्च का ब्यौरा पेश करते हुए ये जानकारी दी .

मंत्री की ओर से पेश आंकड़े के अनुसार वर्ष 2016-17 में जीडीपी का 1.5 फीसदी स्वास्थ्य पर खर्च हुआ. इसी तरह वर्ष 2015-16 में 1.4 फीसदी और वर्ष 2014-15 में 1.2 फीसदी राशि स्वास्थ्य पर खर्च हुई.

उन्होंने दुनिया के कुछ प्रमुख देशों से जुड़े आंकड़े भी सदन के समक्ष रखे. इन आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2015-16 में अमेरिका ने अपनी जीडीपी का 17.43 फीसदी स्वास्थ्य पर खर्च किया.

इसी अवधि में जापान ने जीडीपी का 10.90 फीसदी और फ्रांस ने 11.67 फीसदी और चीन ने 5.88 फीसदी खर्च किया.

वैश्विक समृद्धि इंडेक्स में भारत का है 100वां स्थान

हाल ही में मोदी सरकार के सुधारों को एक बड़ी सफलता मिली है. लंदन स्थित लेगाटम इंस्टिट्यूट के ताजा लेगाटम प्रॉस्पेरिटी इंडेक्स के मुताबिक, भारत और चीन के बीच समृद्धि की खाई थोड़ी कम हुई है. भारत 2012 के मुकाबले 2016 में चार स्थान करीब पहुंचकर रैंकिंग में 100वें स्थान पर पहुंच गया है. वहीं, चीन का स्थान 90वां है.

प्रॉसपेरिटी इंडेक्स में आठ चीजों का आंकलन किया जाता है. इन सब-इंडेक्स में पहला बिजनेस इन्वाइरनमेंट (व्यावसायिक माहौल), दूसरा गवर्नेंस (शासन-प्रशासन), तीसरा एजुकेशन (शिक्षा), चौथा हेल्थ (स्वास्थ्य),

वहीं पांचवां सेफ्टी ऐंड सिक्यॉरिटी (सुरक्षा एवं संरक्षा), छठा पर्सनल फ्रीडम (व्यक्तिगत स्वतंत्रता), सांतावां सोशल कैपिटल (सामाजिक पूंजी) और आठवां नैचरल इन्वाइरनमेंट (प्राकृतिक वातावरण) है.

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