10 से 14 किलो है कछुओं का वजन, गर्म कमरे मे रखते है इन्हे

ठंड इनके लिए दुश्मन है और गर्म वातावरण में रहना ये खूब पसंद करते हैं।

वन विहार नेशनल पार्क में इन दिनों 6 विदेशी कछुओं की खूब मेहमान नवाजी हो रही है। ये सुलकाटा प्रजाति के हैं। यह प्रजाति विश्व में केवल अफ्रीका के सहारा रेगिस्तान में पाई जाती है।

इनकी आदत को देखते हुए वन विहार प्रबंधन ने खास इंतजाम किए हैं। रात में इन्हें जिस कमरे में रखा जाता है, वहां हीटर व अधिक वाट के बल्ब लगाकर तापमान को 24 से 25 डिग्री सेल्सियस पर रखा जाता है।

ताकि इन्हें ठंड से बचाया जा सके। ठंडा फर्श, कछुओं में बैचेनी पैदा करता है, इसलिए प्लायवुड डालकर उस पर घास बिछाई गई है, तब जाकर ये अच्छे से आराम कर पाते हैं। सुबह से दोपहर 3 बजे तक इन्हें धूप में घुमाने का इंतजाम किया गया है, जहां ये भोजन के रूप में प्राकृतिक घास का लुफ्त उठाते हैं।

वन विहार पहुंचे विदेशी कछुए

उप वन संरक्षक वन्यप्राणी मप्र व प्रवक्ता रजनीश कुमार सिंह ने बताया कि ये कछुए 26-27 नवंबर की दरमियानी रात सिवनी जिले में पुलिस व वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में पकड़े गए हैं।

इन्हें दो आरोपित कलकत्ता से मुंबई ले जा रहे थे। स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) की छानबीन में पता चला है कि इन्हें अफ्रीका से बांग्लादेश के रास्ते भारत लाया गया था, इनकी तस्करी कस्टम विभाग के नियमों के खिलाफ है।
इसलिए पूरा मामला डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस (डीआरआई) को सौंप दिया है। अग्रिम आदेश तक देखभाल के लिए कछुओं को गुरुवार को वन विहार प्रबंधन को दे दिया गया है।

वन विहार नेशनल पार्क की डायरेक्टर समीता राजौरा ने बताया कि सुलकाटा प्रजाति के एक वयस्क कछुए का वजन 105 किलोग्राम तक होता है। लेकिन जो कछुए वन विहार भेजे गए हैं, वे अभी अवयस्क हैं। इनका वजन 10 से 14 किलोग्राम है। इन्हें खाने में कई तरह की प्राकृतिक घास, एलोविरा, नागफनी और लौकी-कद्दू पसंद है।

स्वदेश भेजने की कोशिश करेंगे

इन कछुओं को स्वदेश भेजने की कोशिश कर रहे हैं। ताकि ये वहां के वातावरण में बेहतर तरीके से जीवन यापन कर सकें। इसके लिए डीआरआई समेत अलग-अलग विभाग प्रयास कर रहे हैं।

 

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