अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में पक्ष को मिले 10 वोट, विपक्ष को 14

- भाजपा सदस्यों की सेटिंग गड़बड़ाई

करगीरोड कोटा।

माह भर पहले कोटा जनपद पंचायत में गुटबाजी और राजनीति के चलते जनपद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का अविश्वास प्रस्ताव लाने दोनों गुट के सदस्यों ने बिलासपुर कलेक्टर को आवेदन दिया था। जिस पर मुहर लगी वोटिंग की तारिख आई जिसके बाद उपाध्यक्ष ने कोर्ट से स्टे ले लिया और अध्यक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर बुधवार को वोटिंग हुई, जिसमें कुल 24 सदस्यों ने वोटिंग की।

कोटा जनपद पंचायत में बुधवार 27 तारीख को पुलिस की भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अध्यक्ष लखन पैकरा के खिलाफ अविश्वास पर वोटिंग हुई, जिसमें दांव उल्टा पड़ने से संगठन खेमा चितिंत रहे।

भाजपा समर्पित अध्यक्ष को 10 मत मिले तो विपक्ष का बहुमत रहा जिनके पास 14 सदस्य थे। फिर भी अध्यक्ष की कुर्सी बच गई। वैसे भी कुछ सदस्यों का कहना था कि जब भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक रखी थी। फिर भी बहुमत प्राप्त नहीं कर सकी।

इस बात को लेकर भी भाजपा खेमें में चिंता का विषय बना रहा। वहीं वोटिंग के पूरे समय जनपद और तहसील परिसर के पास भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं का जमावड़ा रहा।

परिणाम आने के बाद जीत की खुशी मनाई गई जिस पर लोगों की तरह-तरह की प्रतिक्रिया हुई।
सूत्रो सें प्राप्त जानकारी के अनुसार अविश्वास प्रस्ताव पर हुए मतदान के बाद दोनों गुटों के सदस्य स्थानीय रेस्टोरेंट में अलग-अलग पहुंचे थे, जहां भाजपा गुट के जनपद सदस्य अरविंद जयसवाल पर दुसरे गुट के दो आदिवासी सदस्यों ने गुमराह करने का आरोप लगाते हुए काफी कहा सुनीं हुई और मामला हाथा पाई तक की नौबत आ गई थी।

जिसे देखते हुए जनपद सदस्य अरविंद जयसवाल वहां से नौ दो ग्यारह हो लिए । जिसके बाद सदस्यों का गुस्सा शांत हुआ। उपाध्यक्ष सविता मनोज गुप्ता का कहना था कि जनपद अध्यक्ष के पास बहुमत पास कराने 13 सदस्य भी नहीं है इन्हें नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए ।

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