नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 10 साल सश्रम कैद, 3 हजार का जुर्माना भी

बाराद्वार थाना क्षेत्र के ग्राम भूरसीडीह का मामला

जांजगीर-चांपा: अजजा की नाबालिग लड़की को शादी का प्रलोभन देकर दिल्ली ले जाने और उससे दुष्कर्म करने वाले आरोपी को विशेष न्यायाधीश एट्रोसिटी एक्ट नीता यादव ने 10 वर्ष सश्रम कारावास और 3 हजार रुपए अर्थदण्ड से दण्डित किया.

अभियोजन से मिली जानकारी के अनुसार बाराद्वार थाना क्षेत्र के एक गांव में 23 मार्च 2016 की शाम साढ़े 5 बजे नाबालिग लड़की की मां किसी के घर दूध पहुंचाने गई थी. वहां से वापस आई तो घर में उसकी बेटी नहीं मिली. आसपास पतासाजी करने पर भी सुराग नहीं लगा. पुलिस को इसकी सूचना दी गई जिस पर अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई. विवेचना से पता चला कि आरोपी भूरसीडीह निवासी जनीराम पिता मनोहर लाल नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर दिल्ली ले गया. वहां दो दिन रखा और वहां से गांव वापस लाकर अपने घर में 4 से 5 दिन तक उसका दैहिक शोषण किया. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया.

मामले की सुनवाई कर विशेष न्यायाधीश ने जनीराम को भादवि की धारा 376 के लिए 10 वर्ष सश्रम कारावास और 1 हजार रुपए अर्थदण्ड, धारा 366 के लिए पांच साल सश्रम कारावास और 500 रुपए अर्थदण्ड, धारा 363 के लिए तीन वर्ष सश्रम कारावास और 500 रुपए अर्थदण्ड और पाक्सो एक्ट के लिए 10 वर्ष सश्रम कारावास और 1 हजार रुपए अर्थदण्ड के लिए दण्डित किया. अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक एट्रोसिटी धीरज कुमार शुक्ला ने पैरवी की.

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