पद्म पुरस्‍कारों के ल‍िए अब तक 11 हजार अर्ज‍ियां

हर साल गणतंत्र दिवस के मौके पर दिए जाते हैं पद्म पुरस्कार

नई दिल्लीः साल 2019 के पद्म पुरस्कारों के लिए आवेदकों के बीच भयंकर होड़ मची हुई है। अब तक 11 हजार से अधिक अर्जियां इस पुरस्कार को पाने के लिए दी जा चुकी हैं। शुक्रवार (तीन अगस्त) को गृह मंत्रालय ने इस बाबत एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि 2019 के पद्म पुरस्कारों के लिए अभी तक 11,475 आवेदन आ चुके हैं, जिनमें से 10,453 का नामांकन किया गया है।
बता दें कि पद्म पुरस्कार, देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान में गिने जाते हैं। हर साल ये गणतंत्र दिवस पर विजेताओं को दिए जाते हैं।

आवेदनों की संख्या इतनी अधिक तब है, जब इस बार पद्म पुरस्कारों के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 15 सितंबर 2018 है। आवेदन की प्रक्रिया एक मई से शुरू की गई थी। यह पुरस्कार अगले साल 26 जनवरी को दिए जाएंगे। वहीं, पिछले साल कुल 35 हजार आवेदन आए थे, जिसमें 85 लोगों को इस पुरस्कार के लिए चुना गया था।

पद्म पुरस्कारों की सिफारिशें केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों, राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की सरकारों, भारत रत्न और पद्म विभूषण विजेताओं, इंस्टीट्यूट ऑफ एक्सिलेंस समेत कई संस्थानों से मिलती हैं। पुरस्कार वितरण के लिए बनाई गई एक कमेटी फिर इन पर विचार-विमर्श करती है। सिफारिश मिलने पर पीएम, गृह मंत्री और राष्ट्रपति इस पर अनुमोदन देते हैं, जिसके बाद गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर इनका ऐलान किया जाता है।

पद्म पुरस्कारों के लिए सिर्फ ऑनलाइन आवेदन की ही सुविधा दी गई है, जिसमें आवेदकों को www.padmaawards.gov.in पर जाकर अपनी अर्जी देनी थी। पद्म पुरस्कारों में पद्म विभूषणस पद्म भूषण और पद्मश्री पुरस्कार शामिल हैं। ये साल 1954 से दिए जा रहे हैं। शिक्षा, साहित्य, कला, चिकित्सा, अर्थशास्त्र, खेल, सामाजिक कार्य, विज्ञान, जन मामले, व्यापार और उद्योग सरीखे कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य और योगदान के लिए इन्हें दिया जाता है।

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