छत्तीसगढ़

सारंगढ़ के अमझर में 115 नग अवैध सागौन चिरान हुआ बरामद, वन विभाग सामान्य की कार्यवाही

हिमालय मुखर्जी ब्यूरो चीफ रायगढ़/प्रकाश तिवारी संवाददाता सारंगढ़

सारंगढ़: सारंगढ़ विकासखंड़ के ग्राम अमझर में धोबा जायसवाल के निवास मे 115 नग सागौन का चिरान जप्त किया गया है साथ में सागौन के 4 बल्ली भी घर से बरामद किया गया है। इस मामले में आरोपी धोबा जायसवाल कोई कागजात प्रस्तुत नही कर पाये है। वन विभाग ने उक्त सागौन को जप्त करते हुए पूरे मामले मे पंचनामा बनाते हुए जांच शुरू कर दिया है जांच में दोषी पाये जाने पर आरोपी के खिलाफ वन अधिनियम के तहत कार्यवाही किया जायेगा। बताया जा रहा है कि उक्त सागौन चिरान का बाजार मूल्य लगभग 2 लाख रूपये है।

    इस संबंध मे मिली जानकारी के अनुसार सारंगढ़ विकासखंड़ के ग्राम अमझर निवासी धोबा जायसवाल और उसके पुत्र नरोत्तम जायसवाल के निवास मे भारी मात्रा मे सागौन के चिरान रखे जाने की सूचना मुखबीर के माध्यम से वन विभाग सामान्य के अधिकारी-कर्मचारी को हुआ जिस पर उक्त आरोपी के निवास में जाकर पूछताछ किया गया तथा छापामार कार्यवाही किया गया जहा पर उसके बाड़ी में 115 नग अवैध सागौन चिरान का जखीरा मिला। उक्त सागौन के संबंध मे तात्कालिक रूप से आरोपी धोबा जायसवाल कोई भी कागजात प्रस्तुत नही कर पाया और वन विभाग के अधिकारियो को मौखिक जानकारी दिया कि उक्त चिरान रायगढ़ के उनके एक परिचित का है तथा उसके निजी सागौन पेड़ को काटने की अनुमति लेकर ही उन्होने उक्त सागौन चिरान को कटवाया है तथा उनको फर्नीचर बनाने के लिये दिया है। जिस पर वन विभाग के द्वारा उक्त अनुमति पत्र और संबंधित से पूर्ण जानकारी लेने के लिये जांच प्रारंभ कर दिया है वही मौके पर बरामद किया गया अवैध सागौन चिरान को अपने सुपुर्द में लेते हुए सामान्य वन विभाग के कार्यालय परिसर ले जाया गया है। देर शाम 9 बजे हुई इस कार्यवाही के बाद लकड़ी माफियाओ मे हड़कंप मच गया है। वही अवैध सागौन चिरान को लेकर कागजात पूर्ण करने और मामला को रफा-दफा करने के लिये वन माफिया सक्रिय हो गया है।

इस संबंध में वन विभाग सामान्य के अधिकारी-कर्मचारी देररात तक पूरे मामले की जांच करने और कागजात प्रस्तुत करने के बाद ही कोई कार्यवाही करने की बात कहे है। देर रात तक पूरे मामले में कोई भी पीआर दर्ज नही किया गया है। वही जांच कर पंचनामा बनाकर तात्कालिक रूप से 115 नगर सागौन चिरान और 4 नग सागौन की बल्ली को जप्ती बनाया गया है। 

इस पूरे मामले में वन विभाग की पूरी टीम अमझर पहुंच कर सागौन का चिरान और बल्ली के साथ साथ उक्त चिरान के कौन से आरा मिल मे कटिंग होने और अमझर तक पहुंचने के पूरे मामले की सूक्ष्म जांच मे जुटी हुई है। 

    <h3>गोमर्डा अभ्यारण्य में सक्रिय है सागौन के लकड़ी तस्कर?</h3>

सारंगढ़ के गोमर्डा अभ्यारण्य के पास स्थित अमझर गांव के समीप हालांकि वन विभाग सामान्य का जंगल स्थित है किन्तु गोमर्डा अभ्यारण्य और सामान्य वन विभाग मे सागौन के लकड़ी तस्करो की सक्रियता की सूचना काफी समय से मिल रही थी। वर्षो बाद वन विभाग ने किसी लकड़ी तस्कर पर कार्यवाही करने की जहमत उठाई है। बताया जा रहा है कि वन विभाग में सामान्य और अभ्यारण्य दोनो के ही जंगलो मे लकड़ी की अवैध अंधाधुंध कटाई बदस्तूर जारी है। संरक्षित वनो के विकास के लिये सारंगढ़ अंचल मे रोपे गये हजारो सागौन पेड़ो पर लकड़ी तस्करो की नजर है। वही धोबा जायसवाल और उसका पुत्र नरोत्तम जायसवाल के पास इस सागौन चिरान के संबंधित कोई भी प्रपत्र नही होने के बाद भी आखिर तात्कालिक रूप से कोई कार्यवाही नही होना लकड़ी तस्करो के बुलंद हौसेले को दर्शाता है। गोमर्डा अभ्यारण्य में सागौन लकड़ी के तस्करो के सक्रिय होने और हर साल काफी संख्या में सागौन लकड़ी के तस्करी होने के कई सवालो के बीच आज अमझर में मिला सागौन का अवैध चिरान कई सवालो को जन्म दे रहा है।

    <h3>वन्य प्राणियो के अवैध शिकार और अवैध लकड़ी कटाई?</h3>

वन्य प्राणियो की सुरक्षा के लिये सारंगढ़ के जंगल को गोमर्डा अभ्यारण्य घोषित किया गया है 277 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में वन्य प्राणियो की सुरक्षा और संरक्षित वन के लिये संरक्षित पेड़ो का रोपण तो किया गया है किन्तु इनकी सुरक्षा को सम्हालने मे अधिकारी-कर्मचारी नामाक हो गये है। एक माह मे ही अवैध शिकार के चार प्रकरण सामने आ गये जिससे गोमर्डा अभ्यारण्य के कर्मचारियो के गश्ती दल का पोल खुल गया वही अब अवैध सागौन चिरान का भारी मात्रा मे जप्ती होना कई सवालो को जन्म दे रहा है। इसी प्रकार से कई क्षेत्र में गोमर्डा अभ्यारण्य मे अवैध खुदाई भी व्यापम मात्रा मे हो रहा है। ऐसे मे वन विभाग का सुस्त अमला किसी भी प्रकार से माफिया पर कोई लगाम नही लगा पा रहा है। अर्से से जमे अधिकारी और कर्मचारी का तबादला होने से ही सांरगढ़ में गोमर्डा अभ्यारण्य संरक्षित हो पायेगा अन्यथा यह जंगल जल्द ही विलुप्ति के कागार पर आ जायेगा।

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