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मधुबाला से लेकर देव आनंद तक अशोक कुमार ने किया था इन सेलेब्स को लॉन्च

आज एक्टर अशोक कुमार की बर्थ एनिवर्सरी है। उनका जन्म 13 अक्टूबर, 1911 को भागलपुर में हुआ था। अशोक कुमार सिंगर किशोर कुमार के बड़े भाई थे। वो एक ऐसी शख्सियत रहे जिनके स्टारडम के आगे दिलीप कुमार, शम्मी कपूर जैसे स्टार भी पानी भरते थे। अशोक कुमार एक ऐसे एक्टर थे जिन्होंने पॉजिटिव से लेकर नेगेटिव किरदार बखूबी निभाए। इसके अलावा उन्होंने कई नए चेहरों को लॉन्च किया जो बाद में सुपरस्टार बने और हिंदी सिनेमा पर राज किया। इस पैकेज के जरिए हम आपको ऐसे ही सेलेब्स के बारे में बताने जा रहे हैं।

देव आनंद और प्राण
अशोक कुमार हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार थे। साथ ही वो पहले ऐसे लीड हीरो थे जिसने एंटी हीरो का किरदार निभाया। अशोक कुमार ने एक हीरो के तौर पर ना सिर्फ खुद को रीइन्वेंट किया बल्कि कई चेहरों को लॉन्च भी किया। बॉम्बें टॉकीज स्टूडियो के साथ प्रोड्यूसर के तौर पर काम करते हुए उन्होंने देव आनंद को मौका दिया साल 1948 में आई फिल्म ‘जिद्दी’। इसी फिल्म के जरिए प्राण को भी सफलता मिली। बतौर हीरो प्राण ने 1940 में ही अपने करियर की शुरुआत कर दी थी लेकिन उन्हें सफलता मिली फिल्म ‘जिद्दी’ से।

मधुबाला
साल 1949 में बॉम्बे टॉकीज के लिए ही बतौर प्रोड्यूसर अशोक कुमार ने एक और फिल्म बनाई ‘महल’ जिसके जरिए उन्होंने एक्ट्रेस मधुबाला को फिल्म इंडस्ट्री में लॉन्च किया। बेहद ही कम वक्त में मधुबाला हिंदी सिनेमा की टॉप स्टार बन गईं जिनकी एक्टिंग और खूबसूरती के चर्चे आज भी हैं।

लता मंगेशकर
आपको शायद यकीन ना हो लेकिन भारत की सबसे सफल और मशहूर पार्श्वगायिका लता मंगेशकर का सिंगिंग करियर भी अशोक कुमार ने ही लॉन्च किया। लता मंगेशकर ने मात्र 13 साल की उम्र से ही गाना शुरू कर दिया था। उन्होंने कई गाने गाए, जिनमें से कई रिजेक्ट कर दिए गए और कई जगह लता को कंसीडर ही नहीं किया गया। लेकिन अशोक कुमार ने फिल्म ‘महल’ में लता मंगेशकर को मौका दिया और ‘आएगा आनेवाला’ गाना गाने का मौका दिया। देखते ही देखते इस गाने ने रिकॉर्ड तोड़ दिए और लता मंगेशकर को सिंगिंग सेनसेशन बना दिया।

ऋषिकेश मुखर्जी
अशोक कुमार ने बॉम्बे टॉकीज में असिस्टेंट रहे ऋषिकेश मुखर्जी के भी मैंटोर रहे जो बाद में हिंदी सिनेमा के सफल और मशहूर निर्देशक रहे।

शक्ति सामंत
‘हावड़ा ब्रिज’, ‘इंस्पेक्टर’ और ‘डिटेक्टिव’ जैसी सुपरहिट फिल्में बनाने वाले निर्देशक शक्ति शामंत के लिए किशोर कुमार लकी मैस्कॉट रहे। शक्ति सामंत ने आगे जाकर 50, 60 और 70 के दशक में कई सुपरहिट और क्लासिक फिल्में दीं जिनके लोग आज भी दीवाने हैं।

भाइयों की करियर में मदद

अशोक कुमार ने अपने दोनों भाईयों अनूप और किशोर कुमार को भी करियर में काफी सहारा दिया। अनूप ने जहां ‘चलती का नाम गाड़ी’ जैसी चंद फिल्मों में काम किया वहीं
किशोर कुमार लेजेंड्री सिंगर बने जिनकी लेगेसी को लोग आज भी सलाम करते हैं। आज भले ही अशोक कुमार इस दुनिया में ना हों, लेकिन उनका टैलेंट और उनकी खोज हिंदी
सिनेमा के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हैं।

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बर्थ एनिवर्सरी
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