छत्तीसगढ़

फर्जीवाड़ा कर भर्ती हुए 129 शिक्षाकर्मियों पर अब कभी भी गिर सकता है गाज

जिला पंचायत CEO नेे जनपद CEO को 15 दिनों का दिया कार्रवाई के लिए वक़्त

गरियाबंद: छातीसगढ़ के मैनपुर में जिला पंचायत सीईओ ने सन 2005 से 2007 के बीच फर्जीवाड़ा कर भर्ती हुए 129 शिक्षाकर्मियों की भर्ती निरस्त करने मैनपुर जनपद पंचायत की सामान्य प्रशासन स्थाई समिति की विशेष बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।

उस वक्त भर्ती में किस कदर की मनमानी की गई है ये खुलासे सुन होश उड़ जाएंगे। जांच में पाया गया है कि किसी शिक्षाकर्मी ने अपना विकलांगता सर्टिफिकेट ग़लत सबमिट किया, तो किसी ने NCC, स्पोर्ट्स, और स्काउट गाइड का सर्टिफिकेट फर्जी तरीके से बनवाकर फॉर्म के साथ सबमिट कर दिया और बोनस अंक हांसिल कर लिए।

कमाल की बात तो ये रही कि ये सर्टिफिकेट ना सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि छत्तीसगढ़ के बाहर से भी बनवाये गए। जब इस मामले का वैरिफिकेशन कराया गया, तो सभी सर्टिफिकेट फर्जी मिले।

बीते कई सालों से चल रही जांच का निष्कर्ष आने के बाद जिला पंचायत सीईओ ने एक बेहद गंभीर पत्र मैनपुर जनपद पंचायत को लिखा है जिसमें उन्होंने मामले को लेकर अब तक हुई जांच में जो तथ्य आए हैं उन्हें शामिल किया है । 129 फर्जी रूप से भर्ती हुए शिक्षा कर्मी वर्ग 3 की सूची भी सौंपी गई है जिन पर कार्यवाही की तैयारी है ।

शिक्षाकर्मियों के दस्तावेज खंगाले

2005 से 2007 तक भर्ती हुए शिक्षाकर्मियों के दस्तावेज खंगाले गए। जिनमे 356 शिक्षाकर्मियों में 129 के प्रमाण पत्र फर्जी मिले। जांच पूरी होने के बाद बीते 17 जुलाई को जिला पंचायत सीईओ ने मैनपुर जनपद को एक पत्र जारी किया जिसमें उन्होंने लिखा है कि जिला पंचायत गरियाबंद दिनांक 4-3-16 को गठित जांच समिति द्वारा संदर्भित पत्र के माध्यम से जनपद मैनपुर में वर्ष 2005 में 98 पद, 2006 में 11 पद, 2007 में 245 पदों के विरुद्ध जांच की गई जिसमें फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्र एवं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शिक्षा कर्मी वर्ग 3 के पद पर चयनित शिक्षाकर्मियों की नियुक्ति की जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है।

जिसके अनुसार जनपद पंचायत मैनपुर में वर्ष 2005-2006-2007 मैं फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्र, फर्जी दस्तावेज के आधार पर शिक्षा कर्मी वर्ग 3 पद पर चयनित 129 शिक्षा कर्मी वर्ग 3 भर्ती में गंभीर अनियमितता की गई तथा अपात्र अभ्यर्थियों का चयन कर उन्हें लाभ पहुंचाया गया।

जनपद पंचायत द्वारा बहुत सारे प्रकरणों में अभ्यार्थी की योग्यता ना होने के बावजूद कूटरचना करते हुए उन्हें चयन करने हेतु अभ्यार्थी के अतिरिक्त योग्यता ना होने के उपरांत भी खेलकूद प्रमाण पत्र, स्काउट गाइड प्रमाण पत्र, एनसीसी एवं अनुभव प्रमाण पत्र जोड़ दिए गए ताकि चयन में अभ्यार्थियों को अतिरिक्त अंक का लाभ मिल सके।

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