12 वीं के छात्र ध्यान दें, इस विधि से किया जाएगा मूल्यांकन

असंतुष्ट छात्रों के लिए भी दिशा निर्देश जारी

भोपाल। कोरोना के कारण मध्यप्रदेश में भी 12वीं बोर्ड की परीक्षा रद्द हो गई है। स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार की सीएम शिवराज से बैठक के बाद परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया है।

बता दें कि परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों को अपने परिणाम को लेकर चिंता सता रही है। वहीं परिणाम घोषित किए जाने वाली प्रक्रिया पर भी कई तरह की चिंताए हैं। इस बीच एमपी बोर्ड ने बड़ा आदेश जारी किया है।

आदेश के मुताबिक छात्रों का समयबद्ध सुपरिभाषित प्रक्रिया से मूल्यांकन किया जाएगा। रिजल्ट से असंतुष्ट छात्र परीक्षा में हिस्सा ले सकेंगे। एमपी बोर्ड ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।

इससे पहले शिक्षा मंत्री परमार ने 12वीं बोर्ड की परीक्षा को लेकर अधिकारियों से चर्चा की थी। इस बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज भी शामिल हुए थे। कोरोना के हालातों पर चर्चा करते हुए परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया है।

बता दें कि मंगवार को सीबीएसई की 12वीं बोर्ड की परीक्षा को रद्द कर दिया। बच्चों की सेहत की चिंता करते हुए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बोर्ड परीक्षा रद्द करने की घोषणा की थी।

CBSE 12th Board Exam Result 2021: बता दें कि सीबीएसई 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए रद्द कर दी गई हैं, सरकार के 12वीं की परीक्षा रद्द करने के फैसले से लाखों छात्रों और अभिभावकों ने खुशी जाहिर की है, वहीं सवाल उठ रहा है कि आखिर छात्रों का मूल्यांकन किस आधार पर किया जाएगा?

इसी बीच अब सूत्रों के हवाले से मूल्यांकन की प्रक्रिया को लेकर जानकारी मिली है, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, छात्रों की मार्किंग के लिए दो विकल्पों पर विचार चल रहा है, पहला 12वीं के छात्रों का मूल्यांकन पिछली 2 कक्षाओं (10वीं और 11वीं) की अंतिम परीक्षाओं और 12वीं की आंतरिक परीक्षाओं में प्रदर्शन के आधार पर हो सकता है।

दूसरा विकल्प यह है कि कक्षा 10वीं के बोर्ड के परिणाम को कुछ वेटेज दिया जा सकता है और कुछ वेटेज कक्षा 12वीं के आंतरिक मूल्यांकन को दिया जाएगा। बता दें कि सीबीएसई कल 3 जून को सुप्रीम कोर्ट में अपना फैसला बताएगा, अब देखना ये होगा कि परीक्षाएं रद्द होने के बाद किस तरह छात्रों का मूल्यांकन किया जाएगा।

वहीं, शिक्षा मंत्री ने अपने एक ट्वीट में कहा था, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और बारहवीं कक्षा के छात्रों के मन में चिंता को समाप्त करने के लिए यह तय किया गया है कि वेल डिफाइन्ड क्राइटेरिया के आधार पर सीबीएसई बोर्ड परीक्षा का परिणाम जारी किया जाएगा।”

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