शासन के पुनर्वास नीति से हुए प्रभावित होकर, 13 नक्सलियों ने किया समर्पण

कोण्डागांव।

छग शासन के पुनर्वास और आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर 13 नक्सल संगम सदस्यों ने समर्पण किया। समर्पण के दौरान तीनों ने बताया कि, वे सुरक्षा बलो के नक्सल विरोधी अभियान से दबाव में आकर, जनजागरण अभियान से प्रेरित होकर समाज के मुख्यधारा में शामिल होने चाहते है, और इसी के चलते समर्पण कर रहे है। समर्पण करने वाले सभी 13 संगम सदस्य कोण्डागांव पुलिस अधीक्षक अरविंद कुजुर, अनुविभागीय पुलिस अधिकारी कपिल चंद्र और मर्दापाल थाना प्रभारी एसआई मुकेश शर्मा के समक्ष समपर्ण किया।

जानकारी अनुसार, नक्सल विरोधी अभियान के तहत जिला पुलिस को एक बार फिर सफलता मिली है। जिला पुलिस बल नक्सलियों के गढ़ कहे जाने वाले ग्राम कुधूर में पुलिस संगवारी कार्यक्रम चलाकर मुख्य धारा में भटक चुके लोगों को मुख्य धारा में जोड़ने और जनजागरण अभियान चला रही है।

इसके चलते नक्सली संगठन लगातार दबाव महसूस कर रहे है। इसी का नतिजा है कि, छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास, आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर 29 सितंबर की सुबह मर्दापाल थाना में 13 नक्सल संगम सदस्यों ने आत्मसमर्पण कर दिया। इनकी माने तो वे नक्सलियों के साथ कई कार्य कर चुके है। आत्मसमर्पण करने वालों में सुदराम का गनमैन भी शामिल है।

इन्होंने किया समर्पण

पुलिस अधीक्षक अरविंद कुजुर समेत अन्य पुलिस अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण करने वालों में सुदराम का गनमैन फूलसिंह कश्यप (22) पिता सिलीधर समेत, तुलसी (35) पिता रामधार कश्यप, लिमसू कश्यप (23) पिता बोदीराम, रजमन कश्यप (29) पिता गनस, चेयतु राम कश्यप (28) पिता कोमटी, फूलसिंह कश्यप (22) पिता बदर, रैयसिंह (32) पिता सिलीधर, हाड़ी राम यादव (32) पिता मंगु राम, खुटीराम (27) पिता भगत राम, रमेश राम कश्यप पिता (20) जमलू, सुब्रत (32) पिता घनस, गोबरु कश्यप (32) पिता अंतराम और सनत राम कश्यप (30) कोमटी शामिल है।

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