130 निजी स्कूलों को दी सशर्त मान्यता, 55 का प्रस्ताव ठुकराया

रायपुर।

जिलों से जिला शिक्षा अधिकारी जिन स्कूलों को विभागीय मान्यता दे रहे हैं, उन्हें माध्यमिक शिक्षा मंडल संबद्धता के काबिल नहीं मान रहा है। इस साल नवीन मान्यता के लिए मंडल के पास 185 आवेदन आए थे, इनमें 130 निजी स्कूलों को सशर्त मान्यता दी गई है। 55 स्कूलों का प्रस्ताव ठुकरा दिया गया है, इन स्कूलों को अब 10वीं-12वीं की परीक्षा के लिए माशिमं ने अपात्र कर दिया है।

130 को मिली मान्यता

सत्र 2018-19 की संबद्धता के लिए 130 स्कूलों का मंडल ने मान्य किया है। माशिमं के सदस्यों ने 57 स्कूलों के प्रकरणों पर आपत्तियां उठाई हैं। इन स्कूलों में पेयजल, कक्ष और शिक्षकों की बुनियादी सुविधाओं के साथ विषयवार अध्ययन के लिए प्रयोगशाला, बच्चों के लिए पर्याप्त सुरक्षा, शौचालय आदि के आधार पर मान्यता देना उचित नहीं माना गया है।

गौरतलब है कि 10 अप्रैल को हुई माशिमं के मान्यता समिति की पहली बैठक में माशिमं ने 185 स्कूलों में सिर्फ 42 को ही इस बार संबद्धता दी थी। 76 स्कूलों को कमियां पूरी करने के लिए समय दिया गया था। इनमें 55 ने किसी भी तरह का जवाब नहीं दिया है।

जिन्हें मान्यता नहीं, वहां के बच्चों का क्या होगा

जिन स्कूलों को मान्यता नहीं मिली है वहां हाई और हायर सेकंडरी की कक्षाएं संचालित करना नियमानुसार ठीक नहीं है। इसके बाद भी कुछ निजी स्कूल मनमानी करके स्कूल चलाते हैं। इसका खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ता है। पिछले कई सालों से बिना मान्यता वाले स्कूल भी 10वीं-12वीं के बच्चों का परीक्षा फॉर्म भर देते हैं।

जांच-परीक्षण के बाद जब तक माशिमं को पता चलता है तब तक सत्र आखिरी पड़ाव में पहुंच जाता है ऐसे में बच्चों को या तो किसी सरकारी स्कूल में अटैच होकर परीक्षा देनी पड़ती है या फिर स्वाध्यायी के रूप में परीक्षा में बैठने का अवसर मिलता है।

– इस साल जिन स्कूलों को मान्यता दी गई है, उनके बच्चे परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। बीच सत्र में अब मान्यता की प्रक्रिया नहीं होगी।
– डॉ.वीके गोयल, सचिव, माशिमं

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