बड़ी खबरहेल्थ

कोरोना महामारी से भी खतरनाक हैं 15 बीमारियां, हर साल होती है करोड़ों लोगों की मौत: रिपोर्ट

कोरोना महामारी की ही तरह कई और बीमारियां भी हैं, जिनसे हर साल करोड़ों लोगों की मौतें हो रही हैं। मेडिकल जर्नल द लैंसेट के एक अध्ययन से इस बाम का खुलासा हुआ है कि कोरोना की ही तरह 15 और बीमारियां हैं, जो जानलेवा हैं। ये बीमारियां कई मामलों में तो कोरोना से भी खतरनाक हैं।

कोरोना महामारी की ही तरह कई और बीमारियां भी हैं, जिनसे हर साल करोड़ों लोगों की मौतें हो रही हैं। मेडिकल जर्नल द लैंसेट के एक अध्ययन से इस बाम का खुलासा हुआ है कि कोरोना की ही तरह 15 और बीमारियां हैं, जो जानलेवा हैं। ये बीमारियां कई मामलों में तो कोरोना से भी खतरनाक हैं।

मालूम हो कि कोरोना संक्रमण का आंकड़ा दुनियाभर में 1.47 करोड़ पार कर चुका है, जबकि इसकी वजह से अबतक 10 लाख से ज्यादा लोगों की जानें जा चुकी हैं। इस महामारी से सबसे ज्यादा वैसे लोग प्रभावित हुए हैं, जो नॉन-कोविड रोगी हैं, यानी उन्हें पहले से ही ब्लडप्रेशर, शुगर, हाइपरटेंशन, हृदय रोग या अन्य तरह की बीमारियां हैं। कोरोना काल में उनमें पहले से मौजूद बीमारियों का भी इलाज प्रभावित हुआ है।

लैसेंट के अध्ययन के मुताबिक, कोरोना जैसी खतरनाक गंभीर बीमारियों में हृदय रोग, कैंसर, वृक्क रोग, ट्यूबरक्लोसिस(टीबी) समेत कई अन्य बीमारियां भी शामिल है। रिपोर्ट के मुताबिक, केवल हृदय रोग से हर साल 1.78 करोड़ लोगों की मौत हो रही है। कैंसर से हर साल 96 लाख लोग, जबकि रिनल डिजीज यानी वृक्क रोगों से 12 लाख और ट्यूबरक्लोसिस से 11 लाख लोगों की मौत होती है। कुल मिलाकर देखा जाए तो इन बीमारियों से हर साल 4.43 करोड लोगों की जान जा रही हैं।

तीन माह में 2.8 करोड़ सर्जरी टाली गईं
चिंता केवल यहीं तक नहीं है, बल्कि कोरोना काल में बुरी स्थिति यह है कि कई देशों में इन बीमारियों को लेकर चिकित्सीय सुविधा काफी प्रभावित हुई। कई देश ऐसे है जहां ये सुविधाएं पहले से ही बदहाल थीं। आपको जानकर आश्चर्य हो सकता है कि कोरोना महामारी काल के पहले तीन महीनों में दुनिया भर में 2.84 करोड़ सर्जरी स्थगित करनी पड़ी। प्रभावित देशों में भारत भी शामिल है, जहां 5.8 लाख सर्जरी टाली गई हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना महामारी काल में पूर्व से चल रहे कई टीकाकरण अभियान भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। भारत में भी लाखों बच्चों को समय पर टीका नहीं लगाया जा सका है। बच्चों के लिए मार्च में चलने वाला सघन टीकाकरण अभियान बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हालांकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशानिर्देशों के मुताबिक बाद में टीकाकरण कार्यक्रम को पहले की तरह जारी रखा गया।

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button