कोयला खदान में फंसे 15 मजदूर, कांग्रेस-भाजपा के बीच सियासी रस्साकस्सी शुरू

सामाजिक कार्यकर्ता संजोय हजारिका ने लगाया आरोप

नई दिल्ली: 13 दिसंबर को एक कोयला खदान में हुए अचानक भूस्खलन से 15 खनिक फंस गए। जिन्हें अबतक निकाला नहीं जा सका। एनडीआरएफ की तरफ से पर्याप्त सामान ना होने की खबर सामने आई।

इसी बीच कांग्रेस और भाजपा के बीच इस सियासी रस्साकस्सी शुरू हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा था कि खदान में श्रमिक फंसे हैं लेकिन प्रधानमंत्री ब्रिज पर तस्वीर खिचाने में व्यस्त हैं।

राहुल गांधी के इस तंज पर केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने उनपर हमला बोलते हुए कहा कि हादसे पर किसी भी तरह की राजनीति मत कीजिए राहुल गांधी जी। हम राज्य सरकार को हर संभव मदद मुहैया करा रहे हैं। लेकिन प्रदेश में जो असुरक्षित खनन चल रहा है वह पिछले कांग्रेस सरकार की अनदेखी की वजह से हो रही है।

किरन रिजिजू ने इस हादसे के लिए कांग्रेस की पूर्व सरकार को दोषी ठहराते हुए इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करने की अपील की है। इससे पहले राहुल गांधी ने ट्वीट करके कहा था कि 15 खनन श्रमिक खदान में फंसे हैं और अपनी जिंदगी को बचाने के लिए पिछले दो हफ्ते से जूझ रहे हैं।

लेकिन हमारे प्रधानमंत्री इन सब के बीच बोगीबील ब्रिज पर कैमरा के सामने पोज दे रहे हैं। उनकी सरकार ने हाई प्रेशर पंप को राहत बचाव के लिए देने से इनकार कर दिया है।

खदान में फंसे 15 लोगों को बचाने का कार्य सोमवार को अस्थाई तौर पर रोक दिया गया था। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता संजोय हजारिका ने आरोप लगाया है कि, इस आपदा ने राज्य और केंद्र सरकार दोनों की पोल खोल दी है। NDRF राज्य की आपदा टीम को अकेले छोड़कर चली गई है।

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