15 साल बाद हाईकोर्ट महाधिवक्ता कार्यालय में वकीलों के बदलेंगे चेहरे

अंकित मिंज

बिलासपुर ।

15 साल बाद हाईकोर्ट के महाधिवक्ता कार्यालय में पदस्थ महाधिवक्ता अतिरिक्त महाधिवक्ता,उप महाधिवक्ता,सरकारी वकील सहित 36 पदों पर काबिज वकीलों के चेहरे बदलेंगे ।

राज्य में भाजपा की सरकार के सत्ता से बाहर होने के तकरीबन पांच दिनों बाद महाधिवक्ता जेके गिल्डा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके त्यागपत्र के बाद अब भाजपा शासनकाल में नियुक्त किए गए वकीलों की विदाई तय मानी जा रही है।

छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद पहली सरकार कांग्रेस की बनी। कांग्रेस सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के साथ ही हाईकोर्ट में मामला मुकदमा लड़ने के लिए महाधिवक्ता कार्यालय में अधिकारियों की नियुक्ति की थी।

रविंद्र श्रीवास्तव प्रदेश के पहले महाधिवक्ता

रविंद्र श्रीवास्तव प्रदेश के पहले महाधिवक्ता बने थे। महाधिवक्ता सहित कार्यालय में नियुक्त वकीलों का कार्यकाल मात्र तीन वर्ष रहा। वर्ष 2003 में हुए विधानसभा चुनाव में प्रदेश की सत्ता भाजपा के हाथों में आ गई। राज्य में सरकार बदलते ही महाधिवक्ता सहित अन्य विधि अधिकारियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

तब राज्य की भाजपा सरकार ने अपने मनपसंद वकीलों को महाधिवक्ता सहित विधि अधिकारियों के पद पर नियुक्ति दे दी थी। बीते 15 वर्षों से हाईकोर्ट स्थित महाधिवक्ता कार्यालय में भाजपा समर्थित वकीलों का दबदबा कायम रहा है।

अब जबकि राज्य की सत्ता से भाजपा बेदखल हो चुकी है लिहाजा महाधिवक्ता कार्यालय में लॉ अफसरों के रूप में तैनात वकीलों के चेहरे भी बदल जाएंगे। चर्चा तो यहां तक है कि अतिरिक्त महाधिवक्ता से लेकर डिप्टी गर्वनमेंट एडवोकेट के रूप में पूर्व सरकार द्वारा की गई नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का फरमान विधि विधायी विभाग द्वारा कभी भी जारी किया जा सकता है। कांग्रेस सरकार के फैसले को लेकर अब वकीलों के बीच चर्चा का बाजार भी गर्म होने लगा है।

एजी ऑफिस के लिए कर रहे लॉबिंग

राज्य की सत्ता से लंबे समय से बाहर रहने के बाद हुई वापसी को लेकर कांग्रेस समर्थित वकील भी खासे उत्साहित हैं। लिहाजा महाधिवक्ता कार्यालय में महत्वपूर्ण कुर्सी पर काबिज होने के लिए वकीलों के बीच लॉबिंग भी शुरू हो गई है।

वकील अपनी संभावनाएं भी तलाशने लगे हैं। अब तक के महाधिवक्ता रविंद्र श्रीवास्तव,रविश चंद्र अग्रवाल,प्रशांत मिश्रा,देवराज सिंह सुराना,संजय के अग्रवाल, जुगल किशोर गिल्डा।

दो महाधिवक्ता बने हाईकोर्ट के जज

भाजपा सरकार द्वारा नियुक्त दो महाधिवक्ता प्रशांत मिश्रा व संजय के अग्रवाल हाईकोर्ट का जज बन गए हैं। प्रशांत मिश्रा के इस्तीफे के बाद राज्य सरकार ने देवराज सिंह सुराना को महाधिवक्ता के रूप में नामित किया था।

संजय के अग्रवाल के जज बनने के बाद जुगल किशोर गिल्डा को एजी के तौर पर नियुक्ति दी थी । इसके पूर्व गिल्डा सुप्रीम कोर्ट में राज्य शासन की तरफ से एडिशनल एडवोकेट जनरल के रूप में सुप्रीम कोर्ट में छग शासन की तरफ से पैरवी कर रहे थे।

महाधिवक्ता कार्यालय में 36 लॉ अफसर हैं

पदस्थ एक-महाधिवक्ता, तीन एडिशनल एडवोकेट जनरल इनमें से एक एडिशनल एडवोकेट जनरल सुप्रीम कोर्ट में शासन की तरफ से पैरवी करते हैं। शेष दो महाधिवक्ता कार्यालय में पदस्थ हैं। सात डिप्टी एडवोकेट जनरल, 13 गवर्नमेंट एडवोकेट,12 डिप्टी गर्वनमेंट एडवोकेट । सभी नियुक्ति राज्य शासन की अनुशंसा पर विधि विधायी विभाग द्वारा की जाती है।

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