स्वच्छ भारत मिशन को पलीता, 900 बच्चों के लिए 1 टॉइलट!

स्वच्छ भारत अभियान और स्वच्छता से जुड़ी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील को तीन साल से ज्यादा होने के बावजूद कुछ ऐसे वाकये देखने-सुनने को मिलते हैं जो स्वच्छता अभियान को ठेंगा दिखाते नजर आते हैं। ऐसा ही एक उदाहरण है सिलचर का 153 साल पुराना एक सरकारी स्कूल, जहां 900 बच्चों के लिए केवल एक टॉइलट है।

द गवर्नमेंट बॉयज हायर सेकंडरी स्कूल को 1863 में शुरू किया गया था। दक्षिण असम में बराक नदी के सदारघाट क्षेत्र में स्थित यह स्कूल खासकर छात्राओं के लिए चुनौती पेश करता दिखता है।

स्कूल के प्रिंसिपल इंचार्ज प्रवीण सुल्ताना लास्कर ने कहा, ‘समय-समय पर हमने अधिकारियों से अपील की है कि वे हमें और शौचालय बनवाकर दें, लेकिन अभी तक मांग पूरी नहीं हुई है। स्वच्छ विद्यालय कार्यक्रम के तहत सरकारी स्कूलों में लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग शौचालयों के लिए अनिवार्य प्रावधान है। हमारे स्कूल में भी ऐसा किया जाना है। हमने हाल ही में छात्रों के लिए पुराने और एकमात्र शौचालय का नवीकरण किया है।’

लास्कर ने बताया कि स्कूल ने अकादमिक और सांस्कृतिक क्षेत्र दोनों में पहचान बनाई है और नॉर्थ ईस्ट में बड़ा मुकाम हासिल किया है। वह मानते हैं कि सिर्फ पर्याप्त शौचालयों की कमी की वजह से स्कूल आने वाली लड़कियों की संख्या में तेजी से कमी आई है। प्रिंसिपल ने कहा कि इसके लिए हमने सिलचर म्युनिसिपल बोर्ड और ओएनजीसी से बात की गई।

स्कूल प्रबंध समिति ने कहा है कि 150 साल पूरे कर चुका स्कूल कई मुद्दों की वजह से परेशानी में है। स्कूल में शौचालयों की कमी के अलावा पर्याप्त शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी भी पर्याप्त नहीं हैं।

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