छत्तीसगढ़ में खड़े वाहनों में टक्कर लगने से 154 की मौत, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने सदन में दिया जवाब

ये चौंकाने वाले आंकड़े प्रदेश के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने विधानसभा में एक सवाल में दिए हैं.

रायपुर. छत्तीसगढ़ में सड़क हादसों से अलग खड़े वाहनों को टक्कर से दुर्घटनाएं हुईं और इससे प्रदेश में 154 लोगों की मौत हो गई, जबकि 35 लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं. ये घटनाएं वाहनों को पीछे से टक्कर मारने की वजह से हुई हैं. ये चौंकाने वाले आंकड़े प्रदेश के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने विधानसभा में एक सवाल में दिए हैं.

दरअसल, कोंडागांव विधायक मोहन मरकाम ने ये लिखित सवाल किया था कि प्रदेश में जनवरी 2020 से जनवरी 2021 तक सड़क हादसों के जिलेवार कितने प्रकरण दर्ज किये है? इन सड़क हादसों में कितने लोगों की मौतें हुई है और कितने गंभीर रूप से घायल हुए है उन्होंने पूछा कि क्या ये सड़क दुर्घटनाएं वाहनों को पीछे से टक्कर मारने की वजह से हुई हैं. घटनाओं की क्या समीक्षा की गयी.

एक साल में 172 हादसों में 154 की मौत

अपने लिखित जवाब में गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने बताया कि छत्तीसगढ़ में बीते 1 वर्ष में हुई सड़क दुर्घटनाओं में खड़े वाहनों को पीछे से टक्कर मारने की वजह से 154 लोगों की मौत हो चुकी है. उन्होंने बताया कि जनवरी 2020 से जनवरी 2021 के बीच ऐसे 172 हादसे हो चुके हैं, इसमें 154 लोगों की मौत के साथ 35 व्यक्ति गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं.लापरवाह तरीके से सड़क किनारे वाहन खड़ा करना रही वजह

वहीं इन घटनाओं की समीक्षा को लेकर गृह मंत्री ने जवाब दिया है कि वाहन चालकों द्वारा लापरवाह तरीके से सड़क किनारे नो पार्किंग क्षेत्र में वाहन खड़ा करना, वाहन के खराब होने की स्थिति में सुरक्षा उपाय जैसे सूचना संकेतक और पार्किंग लाइट नहीं लगाना, रात के समय वाहन चालकों द्वारा मुख्य सड़क मार्ग के किनारे बिना इंडिकेटर लाइट जलाएं वाहन खड़ा किया जाना, रात के समय वाहन खड़े किए गए जगह पर उचित प्रकाश व्यवस्था नहीं होना और वाहनों में रिफ्लेक्टर रात के समय प्रकाश पड़ने पर चमकने वाले रेडियम युक्त स्टीकर के नहीं लगे होने की वजह से हादसे हुए.

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