गोशाला में 18 गायों की दम घुटने से मौत

पोस्टमार्टम के बाद सभी मृत मवेशी गांव में एक गहरे गड्ढे में दफना दिए गए.

छत्तीसगढ़ : छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में एक नया मामला सामने आया है. बलौदाबाजार जिले में एक ग्राम पंचायत की गौशाला में पिछले कुछ दिनों में दम घुटने से कम से कम 18 गायें मर गईं.

उन्होंने बताया कि यह घटना तब सामने आई, जब स्थानीय अधिकारियों को सूचना मिली कि मृत गायें गांव में दफन करने के लिए ले जाई जा रही हैं. उन्होंने कहा, ‘प्राथमिक जांच से खुलासा हुआ है कि ये गायें कुछ दिनों से कमरे में बंद थीं और दम घुटने से मर गईं.’

डीएम के अनुसार दरअसल ग्रामीण अपने खेतों में अवारा मवेशियों के फसलों को नुकसान पहुंचाये जाने से परेशान थे. आपस में चर्चा करने के बाद उन्होंने गायों और भैंसों समेत इन अवारा मवेशियों को पकड़कर उन्हें गांव की गोशाला के एक कमरे में बंद कर दिया और अन्य मवेशियों को परिसर में बाहर खुले में खूंटे से बांध दिया.

उन्होंने बताया कि जब कोई व्यक्ति इन मवेशियों पर दावा करने नहीं पहुंचा तब ग्रामीणें को उनके लिए चारा-पानी का इंतजाम करना मुश्किल लगने लगा. ऐसे में उन्होंने बाहर के मवेशी खोल दिए लेकिन कमरे के अंदर बंद मवेशियों पर उनका ध्यान कथित रूप से नहीं गया.

जब वहां से तीन अगस्त को बदबू आने लगी तब उन्होंने बंद कमरे में जाकर देखा तो उन्हें जानवर मृत मिले.

जिलाधिकारी के मुताबिक जब गांव वाले गायों को अंतिम संस्कार के लिए ले जा रहे थे तब किसी ने स्थानीय अधिकारियों को इसकी खबर दे दी. पोस्टमार्टम के बाद सभी मृत मवेशी गांव में एक गहरे गड्ढे में दफना दिए गए. इस घटना के चलते कोई महामारी न फैले इसके लिए एहतियाती उपाय किए गए.

डीएम पाठक ने कहा, ‘मवेशी चार दिनों तक एक कमरे में बंद रहे और उसमें 18 मवेशियों को रखने के लिए पर्याप्त जगह भी नहीं थी. अतएव, वे दम घुटने से मर गए.’ उन्होंने कहा कि इस घटना की जांच का आदेश दिया गया है और जांच की रिपोर्ट के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.

पिछले साल छत्तीसगढ़ की रमन सिंह सरकार सरकारी सहायता प्राप्त तीन गोशालाओं में बड़ी संख्या में गायों की मौत को लेकर विपक्षी कांग्रेस के निशाने पर आ गई थी.

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