1993 ब्लास्ट के दोषी मुस्तफा दोसा को मिली मौत की सजा’, आया था हार्ट अटैक

1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट मामले में दोषी मुस्तफा दोसा की मौत हो गई है. मंगलवार की रात उसे सीने में दर्द की शिकायत के बाद जेजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था. मुस्तफा को उच्च रक्तचाप और शुगर की शिकायत थी. उसने टाडा कोर्ट को अपनी हार्ट प्रॉब्लम के बारे में भी बताया था. इसे ब्लास्ट केस में उसे फांसी की सजा भी मिल सकती थी.

मुंबई सीरियल ब्लास्ट केस में दोषी मुस्तफा दौसा, अंडरवर्ल्ड डॉन अबु सलेम सहित 6 दोषियों की सजा पर कोर्ट में बहस शुरू हो गई थी. सीबीआई के वकील दीपक साल्वी ने दोषियों के लिए फांसी की मांग की है. कोर्ट ने सलेम को मास्टर माइंड मानते हुए मुस्तफा दोसा, मो. दोसा, फिरोज राशिद खान, करीमुल्ला शेख और ताहिर मर्चेंट को दोषी करार दिया था.

मुस्तफा दौसा को मुंबई सीरियल ब्लास्ट के लिए हथियार और विस्फोटक मंगवाने का मास्टरमाइंड माना जाता है. उसे रायगढ़ में हथियार लैंड कराने, आरोपियों को ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान भेजने और साजिश रचने का दोषी पाया गया था. मुस्तफा दोसा को साल 2004 में यूएई से गिरफ्तार किया गया, तो 2005 में अबू सलेम का प्रत्यर्पण हुआ था.

इस केस में था दोषी

बताते चलें कि मुंबई सीरियल ब्लास्ट केस में 16 जून को आरोपियों के दूसरे बैच को सजा सुनाई गई थी. इससे पहले 2007 में 100 लोग दोषी ठहराए गए थे, जबकि 23 बरी किए गए थे. सुप्रीम कोर्ट तक सुनवाई के बाद याकूब मेमन को 2015 में फांसी की सजा दे दी, जबकि फिल्म अभिनेता संजय दत्त सहित 99 लोगों को जेल भेजा गया था.
12 मार्च, 1993 को मुंबई में एक के बाद एक 12 बम धमाके हुए थे. इन बम धमाकों में 257 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. इन धमाकों में 27 करोड़ रुपये संपत्ति नष्ट हुई थी. इस मामले में 129 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया था. अवैध हथियार मामले में संजय दत्त अपनी सजा पूरी कर चुके हैं.

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