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भारत और अमेरिका के बीच आज 2+2 मंत्री-स्तरीय बैठक, जाने क्या होगा खास

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके समकक्ष मार्क एस्पर ने सोमवार शाम को मुलाकात की

नई दिल्ली: अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ भारत के साथ तीसरी 2+2 मंत्रीस्तरीय बैठक के लिए रविवार को नयी दिल्ली के लिए रवाना हो गए. बैठक मंगलवार को नयी दिल्ली में होगी जिस दौरान दोनों पक्षों के हिंद-प्रशांत क्षेत्र में द्विपक्षीय रक्षा संबंधों और सुरक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा करने की उम्मीद है. चीन के क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश के दौरान इसके मायने काफी बढ़ गए हैं.

इस दौरान दोनों देशों के बीच Basic Exchange and Cooperation Agreement (BECA) डील पर हस्ताक्षर किया जाएगा. भारत और अमेरिका के बीच डील होने के बाद दोनों देशों के बीच सूचनाएं और खुफिया जानकारियां साझा की जा सकेंगी, जिसका इस्तेमाल रक्षा संबंधी जरूरतों के लिए किया जा सकेगा. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके समकक्ष मार्क एस्पर ने सोमवार शाम को मुलाकात की.

इस मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया को बताया कि मंगलवार को होने वाली 2+2 मंत्री-स्तरीय बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच Geospatial (भू-स्थानिक) सहयोग के लिए BECA डील पर हस्ताक्षर होगा. भारत अमेरिका के साथ इस डील पर उस वक्त हस्ताक्षर कर रहा है जब चीन के साथ हमारे संबंध तनाव के उच्च स्तर पर हैं.

एक बार इस डील पर हस्ताक्षर हो जाने के बाद भारत को सीमा पर चीन की सारी सैन्य गतिविधियों की जानकारी मिल सकेगी. इससे जुड़े आंकड़े और तस्वीरें भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों की जद में रहेंगे. इस डाटा के जरिए भारत अपने आस-पास दुश्मन के किसी भी संभावित सैन्य तैयारियों का पता लगा सकता है और जरूरत पड़ने पर उसे नष्ट भी कर सकता है.

वहीं अमेरिका ने मालाबार में होने वाले वार्षिक नौसेना अभ्यास में ऑस्ट्रेलिया के शामिल होने को लेकर उसका स्वागत किया है. अमेरिका ऑस्ट्रेलिया के वार्षिक युद्धाभ्यास में शामिल होने से इसलिए खुश है क्योंकि वह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के दबदबे पर अंकुश लगाना चाहता है.

इससे पहले सोमवार को भारत ने ऐलान किया था कि ऑस्ट्रेलिया आगामी मालाबार अभ्यास में हिस्सा लेगा. यानी कि चतुष्पक्षीय गठबंधन (QUAD) के सभी चारों सदस्य देश इस महाभ्यास में भाग लेंगे. अगले महीने बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में इस अभ्यास के होने की संभावना है.

संक्रमित देशों के नाम चीन के बढ़ते सैन्य युद्धाभ्यास की पृष्ठभूमि में भारत, अमेरिका और कई अन्य विश्व शक्तियां स्वतंत्र, मुक्त तथा सम्पन्न हिंद-प्रशांत क्षेत्र सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं. चीन के बढ़ते सैन्य दबदबे को देखते हुए हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उभरती स्थिति वैश्विक शक्तियों के बीच चर्चा का एक बड़ा विषय है. अमेरिका रणनीतिक रूप से अहम हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते दबदबे पर अंकुश लगाने के लिए चतुष्पक्षीय गठबंधन को सुरक्षा ढांचा का रूप देने की वकालत कर रहा है.

मंगलवार को होने वाली इस बैठक का मकसद, दोनों देशों के बीच रक्षा, सुरक्षा और वैश्विक रणनीतिक संबंधों को और बढ़ावा देना है. इस दौरान दोनों पक्षों के हिंद-प्रशांत क्षेत्र में द्विपक्षीय रक्षा संबंधों और सुरक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा होगी. चीन के क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश के दौरान इसके मायने काफी बढ़ गए हैं. अमेरिका के रक्षा मंत्री मार्क एस्पर और विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ अपने भारतीय समकक्षों क्रमश: राजनाथ सिंह तथा एस जयशंकर के साथ 2+2 मंत्रीस्तरीय बैठक करेंगे.

पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन के साथ जारी विवाद और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते चीनी सैन्य दबदबे के बीच यह उच्च स्तरीय वार्ता हो रही है. दोनों ही मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है.

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