छत्तीसगढ़: शादी के लिए बैंक लॉकर में रखे 20 लाख के जेवरात चोरी, न्याय के लिए भटक रहा है ये पिता

रायपुर. बेटे की शादी के लिए बैंक लॉकर में रखे जेवर के चोरी हो जाने से एक पिता का सपना सात साल भी पूरा नहीं हो पाया। परेशान पिता बैंक, पुलिस और उपभोक्ता फोरम के चक्कर लगा लगा कर थक चुका है।

शुक्रवार को सरकारी तंत्र की नाकामयाबी की पूरी कहानी उसने स्थानीय प्रेस क्लब में वार्ता के दौरान मीडिया से साझा की।  बैंक लॉकर से चोरी गए अपने जेवरात की वापसी और दोषियों पर कार्यवाही करने की मांग को लेकर प्रेस क्लब पहुंचे राकेश  चौदहा ने बताया कि उन्होंने एमजी रोड स्थित भारतीय स्टेट ब्रांच में एक लॉकर ले रखा था। वो लगातार लॉकर के एवज बैंक शुल्क भी भुगतान भी करते रहे। उन्होंने बेटे की शादी के लिए बनावाए गए करीब 20 लाख के जेवरात डबल लॉक वाले बैंक लॉकर में इसलिए रखवाए थे ताकि जेवरात बैंक की कस्टडी में सुरक्षित रहे पाए। 

 राकेश ने बताया कि 20 अक्टूबर 2014 को बैंक ने उन्हें सूचना दी कि उनके लॉकर से जेवर चोरी हो गए। जिसके के बाद वो सीधे मौदहा पारा थाना पहुंचे और थाना प्रभारी को आवेदन के माध्यम से बैंक लॉकर से 20 लाख के जेवरात चोरी होने की सूचना थी। अपनी आपबीती बताते हुए राकेश ने कहा कि थाने में सूचना दिए जाने के बाद भी थाना प्रभारी उन्हें 20 दिनों तक घूमता रहा और किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं की। 

थाने में एफआईआर नहीं लिखे से परेशान होकर राकेश चौदहा ने आईजी और एसपी को शिकायत की। जिसके बाद थाने में fir दर्ज तो कर लिया गया, मगर दोषियों पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस ने गलत धारा 380 लगाकर अपराध दर्ज किया है। उन्होंने बैंक प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि बैंक के लॉकर में रखे जेवर का चोरी होना आम बात नहीं है इसमें लॉकर प्रभारी और बैंक कस्टडी विभाग से भी पूछताछ होनी चाहिए।

राज्य उपभोक्ता फोरम में लंबित है मामला

राकेश चौदहा ने बताया कि उन्होंने राज्य उपभोक्ता फोरम में भी शिकायत की जहां मामला अंतिम निराकरण के लिए लंबित है। उनका कहना है कि न्यायालय, शासन प्रशासन का दरवाजा खटखटाने बाद भी उन्हें आज तक न्याय नहीं मिल पाया है।

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