250 कर्मचारियों को निकालने के बाद जबॉन्ग के 200 और कर्मचारियों पर लटकी तलवार

मिंत्रा ने 2016 में जबॉन्ग का अधिग्रहण किया था

नई दिल्ली। फ्लिपकार्ट में चल रही उठापटक के बीच ऑनलाइन फैशन रिटेल कंपनी मिंत्रा में जबॉन्ग के विलय करने की योजना के तहत आगामी तीन महीने के भीतर जबॉन्ग से 200 और कर्मचारियों को बाहर निकाला जा सकता है।

जबॉन्ग से 250 कर्मचारियों को निकालने की पहले ही घोषणा की जा चुकी है। मिंत्रा ने 2016 में जबॉन्ग का अधिग्रहण किया था।

सूत्रों ने बताया कि गुड़गांव स्थित जबॉन्ग के हेडक्वार्टर में शुक्रवार को एक संक्षिप्त बैठक हुई थी।

दो सूत्रों के मुताबिक मिंत्रा के चीफ एग्जिक्युटिव ऑफिसर (सीईओ) अनंत नारायण ने इस बैठक के दौरान बताया कि मिंत्रा और जबॉन्ग के फाइनैंस, टेक्नॉलजी, मार्केटिंग और क्रिएटिव टीम सहित कई अन्य विभागों का एक दूसरे में विलय किया जा रहा है। एक सूत्र ने बताया कि जबॉन्ग में लगभग 600 कर्मचारी कार्यरत हैं।

मिंत्रा के एक प्रवक्ता ने ई-मेल से जारी एक बयान में कहा, ‘मिंत्रा और जबॉन्ग के टेक्नॉलजी, मार्केटिंग, कैटिगरी, रेवेन्यू फाइनैंस और क्रिएटिव टीमों सहित बाकी बचे अन्य विभागों का एक दूसरे में विलय कर दिया जाएगा।

भारत में फैशन ई-कॉमर्स के क्षेत्र में दिग्गज बने रहने के लिए हमें और अधिक प्रभावी तरीके से काम करने और जल्दी-जल्दी अनोखे तरीके ढूंढने हैं।’ हालांकि उन्होंने इस बात का कोई जवाब नहीं दिया कि जबॉन्ग से 200 और लोगों को निकाला जाएगा या नहीं।

जबॉन्ग को मिंत्रा ने प्रतिद्वंद्वी स्नैपडील और फ्यूचर ग्रुप को पछाड़कर जर्मन इन्वेस्टर रॉकेट इन्टरनेट से जुलाई 2016 में सात करोड़ डॉलर में खरीदा था। आपको बता दें कि मिंत्रा और जबॉन्ग दोनों ही फ्लिपकार्ट की सहायक कंपनी है।

पिछले दिनों फ्लिपकार्ट समूह के सीईओ बिन्नी बंसल ने व्यक्तिगत दुर्व्यहार के आरोपों को लेकर इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद से ही समूह में उठा-पटक का माहौल है। खबरें यह भी हैं कि मिंत्रा के सीईओ भी इस्तीफा दे सकते हैं, हालांकि कंपनी ने इस खबर को अटकल करार दिया है।

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