2018 विशेष: अक्षय तृतीया में शामिल यें मुहुर्त जो देंगे आपको शुभफल

चार शुभ अभिजीत मुहुर्त में शामिल अक्षय तृतीया

अक्षय तृतीया का पावन पर्व काफी धूमधाम के साथ पूरे भारत में मनाया जाता है। इसके साथ ही आज खरीदारी करना हिन्दू शास्त्रों में शुभ माना जाता है। इसको वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथी को मनाया जाता है। यदि शास्त्रों की माने तो पूरे साल में चार शुभ अभिजीत मुहुर्त हैं- जिसमें चैत्र शुक्ल प्रतिपदा अर्थात गुडीपाडवा, आखातीज अथवा अक्षय तृतीया, दशहरा एवं दीपावली के पूर्व की प्रदोष तिथि को शुभ माना जाता है।

इस साल अक्षय तृतीया आज कृतिका नक्षत्र एंव सर्वार्थ सिद्धि योग में हैं, जो कि बहुत ही दुर्लभ व शुभ संयोग है। तृतीया तिथि में यदि सोमवार या बुधवार के साथ रोहिणी नक्षत्र भी पड़ जाए तो बहुत श्रेष्ठ माना जाता है। इस दिन सम्पन्न की गईं साधनाएं व दान अक्षय रहकर शीघ्र फलदायी होते हैं।

आज है परशुराम जी का जन्म

अक्षय तृतीया तिथि ईश्वर तिथि है। यह अक्षय तिथि परशुराम जी का जन्मदिन होने के कारण परशुराम तिथि भी कही जाती है. परशुराम जी की गिनती महात्माओं में की जाती है. जिससे इस तिथि को चिरंजीवी तिथि भी कही जाती है। चारों युगों सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग और कलयुग में से त्रेता युग का आरंभ इसी आखातीज से हुआ है। त्रेतायुग का आरंभ अक्षय तृतीया को हुआ है। जिससे इस तिथि को युग की आरंभ की तिथि ‘युगादितिथि’ भी कहते हैं।

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